विजयदशमी के उपलक्ष्य पर रविवार को शहर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। जिसमें उन्होंने सभी को संगठित होने का मंत्र दिया। इससे पहले मिनी स्टेडियम में हुए बौद्धिक कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपना संबोधन किया। शस्त्र पूजन के बाद शुरू हुआ पथ संचलन शहर के अलग-अलग मार्गों से होते हुए मिनी स्टेडियम में ही पहुंचकर संपन्न हुआ। पथ संचलन में शामिल स्वयंसेवकों का जगह-जगह फूलों से स्वागत किया गया।
विजयदशमी पर स्थापना दिवस के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से हर साल पथ संचलन का आयोजन किया जाता है। रविवार को शहर में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। जिसमें बड़ी संख्या में संघ से जुड़े स्वयंसेवकों ने गणवेश में रहकर भाग लिया। मिनी स्टेडियम से पथ संचलन की शुरुआत हुई, जिसमें जिला प्रचारक प्रिंस कुमार, सह जिला संघचालक नीरज कुमार, नगर संघचालक वीरेंद्र पाठक और अजय ढींगरा ने शस्त्र पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। जिला प्रचारक प्रिंस कुमार ने हिंदू समाज को संगठित होने पर जोर दिया।
कहा, पिछले 99 सालों से संघ समाज को संगठित करने का काम कर रहा है। उन्होंने समाज को पंच परिवर्तन का मूल मंत्र देते हुए कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण एवं सामाजिक समरसता के बारे में बताया। बौद्धिक के बाद पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला। मिनी स्टेडियम से शुरू होकर पथ संचलन टीपी नगर, कोट चौराहा, बड़ा बाजार, मंडी चौब व छेबड़ा होते हुए वापस मिनी स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन नगर कार्यवाह अंकित त्यागी ने किया। इस अवसर पर दीक्षित चौहान, सतीश कुमार, विजय कुमार, राहुल कुमार, माधव, नारायण सिंह, ओम कुमार उपस्थित रहे।