सैदनगली। नगर के मोहल्ला सादात के इमाम बारगाह दादे हिमायत अली मे पांचवें इमाम हजरत मोहम्मद बाकिर अलैहिस्सलाम की यौमे विलादत पर एक जश्न का आयोजन हुआ। तकरीर करते हुए मौलाना ने कहा कि दुनिया में जिसे इल्म मिल गया। समझो उसे सबकुछ मिल गया।
शनिवार की रात जश्न का आगाज अम्मार हैदर रिजवी ने हदीसे किसा की तिलावत से किया। डॉ. लईक हैदर बाकरी ने खुदा की हम्द व नाते रसूल पढ़ी। नाते नबी के बाद रियाजुल हसन, गुलाम हैदर रिजवी, मुहम्मद अब्बास, वफा हैदर, हसन मेहदी, शबीह हैदर, मिसाल अब्बास, मुहम्मद शुजा, हैदर अब्बास आदि शायरों ने इमाम बाकिर की शान में कलाम पढ़े। मौलाना कम्बर अली ने तकरीर में बताया कि पांचवें इमाम का नाम मोहम्मद है और मशहूर लकब बाकिर है। इमाम ने इल्म हासिल करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया। जिसे इल्म मिल गया उसे सब कुछ मिल गया और जिसे इल्म न मिला तो समझो उसे कुछ नहीं मिला। मौलाना ने दुआ कराकर जश्न का समापन किया।| इस मौके पर रियाज हैदर, मुहम्मद साकिब, अयाज हैदर, मुहम्मद स्वालेह, तनवीर अब्बास, रिजवान हैदर, मजाहिर हुसैन, हैदर अब्बास आदि मौजूद रहे।