बदलते मौसम में बुखार, मलेरिया और टायफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 300 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल समेत सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी में मरीजों की संख्या दो हजार से पार पहुंच गई है। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है।
वायरल और मलेरिया ने तेजी से लोगों को जकड़ा रहाहै। हालात यह हैं कि घर-घर में वायरल से लोग ग्रस्त हैं। अस्पताल खुलने से पहले मरीजों की भीड़ उमड़ने लगती है। जिला अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है। इसमें सबसे ज्यादा मरीज बुखार, मलेरिया, एलर्जी और खांसी के पहुंच रहे हैं। एलर्जी के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। ओपीडी में डॉक्टर के कक्ष के बाहर, दवा काउंटर पर लंबी लाइन देखने को मिल रही है। वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है। देहात क्षेत्रों में अप्रशिक्षित डॉक्टर भी खूब चांदी काट रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में मरीजों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। मौसम के बदलाव के कारण बुखार के मरीजों से भरा हुआ है। आलम ये है कि सरकारी और प्राइवेट अस्पताल के जरनल वार्ड में एक बेड पर भरीजों की भरमार है।
जोड़ों व हाथ पैरों में दर्द होना, जी मिचलाना या घबराना, गले में कफ बनना खराश होना, ठंड लगना, शरीर में आलस्य और सुस्ती आना, शारीरिक कमजोरी आना, जरा सा काम करने पर थकान महसूस होना, कई रोगियों को बुखार में सिर का दर्द भी होता हैं, चिड़चिड़ापन आता हैं।
वायरल बुुखार और मलेरिया से निपटने के लिए सभी अस्पतालों में प्राप्त सुविधाएं है। दवा भी प्राप्त मात्रा में हैं। जिस गांव में वायरल बुखार और मलेरिया का प्रकोप है वहां कैंप लगाकर दवा बांटी जा रही है।-डॉ. राजीव सिंघल, सीएमओ अमरोहा