अमरोहा। शहर में वर्ष 2019 में सीएए और एनआरसी के विरोध के दौरान शहर में हुई बहुचर्चित हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई मंगलवार को एडीजे प्रथम की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एक आरोपी साजिद उर्फ राजू निवासी सफतपोता की मृत्यु होने का दावा किया। इस पर न्यायालय ने संबंधित मृत्यु आख्या की तस्दीक कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मामला फाइल हाजिरी में चला गया। अदालत ने प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तारीख निर्धारित की है। इस बहुचर्चित मामले में अब तक दो नामजद आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। हिंसा से संबंधित छह अलग-अलग मुकदमों की सुनवाई वर्तमान में न्यायालय में चल रही है।
20 दिसंबर 2019 को सीएए और एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान शहर में हालात अचानक बिगड़ गए थे। आरोप है कि उग्र भीड़ ने कई स्थानों पर सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया।
घटना के बाद कई दिनों तक शहर में तनाव का माहौल बना रहा और प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा था। हिंसा के संबंध में पुलिस ने छह अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की थीं। इनमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी, लूटपाट, जानलेवा हमला और कानून-व्यवस्था भंग करने जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए थे।
प्रारंभिक जांच में 55 नामजद और करीब 1500 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। बाद में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफ के आधार पर कई लोगों की पहचान की। जांच पूरी होने के बाद विभिन्न मामलों में कुल 76 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। इनमें से कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था। वर्तमान में अभियोजन और बचाव पक्ष अदालत में अपने-अपने तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत कर रहे हैं। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ठ ने बताया कि सीएए-एनआरसी हिंसा प्रकरण में अगली सुनवाई 30 जून को होगी, जिसमें मामले की आगे की कार्रवाई की जाएगी।