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Amroha News: विवेचक ने दोनों पक्षों को बयान दर्ज कराने के लिए किया तलब

Fri, 19 May 2023 01:14 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। फर्जी मदरसों और स्कूल के संचालन से से जुड़े मामले में डीआईओएस और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी समेत 15 लोगों पर दर्ज हुए मुकदमे की पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। विवेचक ने दोनों पक्षों को अपने-अपने बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। अगर एफआईआर में लगाए गए आरोप सही पाए गए तो आरोपियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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अमरोहा के मोहल्ला घेर पच्छैइया निवासी सिकंदर अली का आरोप है कि इसी मोहल्ले की सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका शहाना बेगम अपने बेटों, बेटियों और दामादों के साथ मिलकर कुछ संस्थाओं, एनजीओ के नाम से कागजों में मदरसों और स्कूलों का संचालन करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग करती हैं। पढ़े-लिखे लोगों को इन मदरसों व स्कूलों में नौकरी का झांसा देकर वसूली भी की है। सिकंदर ने खुद भी इनके झांसे में आकर वर्ष 2015-16 में मदरसा कनीज-उल-अमान में शिक्षक बनने के लिए अपने सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र, वोटर आईडी आदि इन्हें दे बैठने की बात कही है। उनका कहना है कि नौकरी के लिए मोटी रकम मांगे जाने पर वह पीछे हट गए। सिकंदर के मुताबिक 20 जुलाई2021 को एक्सिस बैंक अमरोहा की ओर से उनके पते पर एटीएम कार्ड पहुंचने से उन्हें इन लोगों की धंधेबाजी का पता चला। कार्ड के कवर पर शहाना बेगम का मोबाइल नंबर अंकित था। वह एक्सिस बैंक पहुंचे तो पता चला कि पांच साल से उनके नाम से खाता संचालित हो रहा था, जिसमें सरकारी खाते से वेतन के रूप में रकम आती थी। हर माह वेतन निकाला जाता था। कुल 4.35 लाख रुपये निकाले जा चुके थे। सिकंदर का आरोप है कि अक्तूबर 2021 में उन्होंने रामाज्ञा कुमार से शहाना बेगम व उनके रिश्तेदारों की संस्थाओं से संचालित स्कूलों की जानकारी मांगी लेकिन दी नहीं गई। एक्सिस बैंक प्रबंधक हरमीत अरोड़ा ने भी खाते से जुड़े डिटेल नहीं बताए। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नरेश. कुमार ने मदरसा कनीज-उल-अमान की अपूर्ण जानकारी करीब एक साल बाद दी। इस पर उन्होंने डीआईजी से शिकायत की। उनके निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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