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हादसे में घायल मरीज को फर्श पर बिताने पड़े 15 घंटे

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सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी जिला अस्पताल में मरीजों को सही तरीके से इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसका एक उदाहरण जिला अस्पताल में बुधवार को देखने को मिला। यहां मानवता ही शर्मसार हो गई। पंद्रह घंटे तक हादसे में घायल मरीज फर्श पर पड़ा रहा। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने उसकी सुध नहीं ली। लिहाजा अस्पताल के डॉक्टरों की मनमानी के आगे बेबस मरीज को घर लौटना पड़ा।
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नौगांवा सादात के रहने वाले वसीम तीन दिन पहले सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उनके पैर की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था। जबकि उनके सिर में भी चोट लगी थी। आर्थिक तंगी के चलते वसीम अपने परिजनों के साथ मंगलवार को जिला अस्पताल में इलाज कराने आए थे। आरोप है कि यहां मौजूद एक हड्डी रोग विशेषज्ञ ने उन्हें भर्ती नहीं किया और अस्पताल से घर जाने के लिए कहा लेकिन दर्द से कराहा रहे वसीम रात भर अस्पताल की ओपीडी परिसर में फर्श पर पड़े रहे लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली। बुधवार की सुबह मामला संज्ञान में आया तो अफसरों में खलबली मच गई लेकिन फजीहत होने के डर से अधिकारियों और डॉक्टरों के पहुंचने से पहले ही अन्य स्टाफ ने वसीम और उसकी पत्नी को अस्पताल से बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिसके बाद बेबस वसीम अपने घर लौट गए। वसीम ने हड्डी रोग विशेषज्ञ पर इलाज नहीं करने का आरोप लगाया है।
मामला संज्ञान में आया है। जिस स्थान पर वसीम लेटे हुए थे, वह स्थान ओपीडी का परिसर है। यहां अक्सर मरीज और तीमारदार अपनी स्वेच्छा से रात के समय आराम करते हैं। अगर उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं करने की बात है तो मामले की जांच करा कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।- डॉ.चरन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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