अमरोहा। नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अमरोहा के युवा अब उद्योग और कारोबार की राह पकड़कर खुद के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार का जरिया बन रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना ने जिले में छोटे उद्योगों और कारोबार को नई गति दी है। योजना के तहत अब तक 2610 इकाइयां स्थापित होकर संचालित हो चुकी हैं। इनमें करीब 10.79 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई है। इन इकाइयों से औसतन पांच कर्मचारियों के हिसाब से 13050 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
उपायुक्त उद्योग अनूप श्रीवास्तव के अनुसार योजना के तहत जिले से कुल 10960 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 2748 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। स्वीकृत 11.37 करोड़ रुपये में से 10.79 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित कर 2610 इकाइयों को धरातल पर संचालित कराया गया है। इससे अमरोहा में छोटे उद्योगों, स्वरोजगार और स्थानीय कारोबार का दायरा बढ़ रहा है। योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ शहरों तक सीमित नहीं रहा। स्थापित इकाइयों में करीब 70 प्रतिशत लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जबकि लगभग 90 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। करीब 30 प्रतिशत महिला उद्यमियों की भागीदारी है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं। अमरोहा के युवाओं ने स्थानीय जरूरत और अपने कौशल के अनुसार अलग-अलग कारोबार शुरू किए हैं। रेडीमेड गारमेंट्स, ब्यूटी पार्लर, जन सेवा केंद्र, आटा व आरा चक्की तथा दुग्ध उत्पाद से जुड़े कारोबार सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। सचिन चौधरी, नितिन, योगेंद्र, फरहा जैदी और शारिक जैसे युवा उद्यमियों ने छोटे स्तर से शुरुआत कर अपने कारोबार को आगे बढ़ाया और दूसरे युवाओं को भी रोजगार दिया। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने कहा कि अमरोहा को एमएसएमई का अग्रणी हब बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। युवाओं के नए उद्यम जिले की औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय रोजगार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
15 फीसदी उद्यमियों ने बढ़ाया कारोबार
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के विश्लेषण में सामने आया है कि करीब 15 प्रतिशत लाभार्थियों ने अपने कारोबार को तेजी से आगे बढ़ाते हुए टर्नओवर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। इससे जिले में योजना के जरिये शुरू हुए छोटे उद्यमों के विस्तार की तस्वीर भी सामने आई है। वहीं, कुछ लाभार्थियों के सामने कारोबार बढ़ाने में व्यावहारिक दिक्कतें और बैंक स्तर पर अड़चनें भी सामने आई हैं। इन समस्याओं की समीक्षा कर समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम और आसान बनाने पर भी जोर है, ताकि युवाओं को समय से पूंजी मिल सके और वे कारोबार को तेजी से आगे बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत अमरोहा में इस वित्तीय वर्ष युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी तेज कर दी गई है। मुख्यालय ने जिले को 1800 इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य दिया है, लेकिन युवाओं के उत्साह को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसे बढ़ाकर 3220 नई इकाइयों का लक्ष्य तय किया है। इन इकाइयों के शुरू होने से करीब 16100 अतिरिक्त रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। विभाग का जोर पात्र युवाओं को बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर समय से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर है, ताकि वे अपना कारोबार शुरू करने के साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार दे सकें।