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Amroha News: सहमति के बाद खत्म हुआ किसानों का धरना

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अमरोहा। मध्य गंगा नहर के लिए अधिग्रहित हुई जमीन के लिए चार गुना मुआवजे की मांग पर अड़े किसानों व प्रशासन के बीच आखिरकार सहमति बन गई। किसानों के साथ हुए समझौते के अनुसार सिंचाई विभाग अब 60 के स्थान पर तीस मीटर चौड़ी नहर बनाएगा। गणतंत्र दिवस के दिन प्रशासन किसानों के बीच इसकी सहमति हो गई। इसी के साथ पिछले तीन सालों से चल रहा किसानों का धरना भी समाप्त हो गया।
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कूबी, मोहनपुर और रामपुर घना व घंसूरपुर के किसान पिछले तीन सालों से मध्य गंगा नहर के लिए अधिग्रहित हुई जमीन को चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे थे। इसको लेकर किसान लगातार धरने पर बैठे हुए थे। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी किसानों ने अपनी मांगों को रखा, लेकिन आपसी सहमति नहीं बन सकी थी। इसके बाद किसानों ने चार गुना मुआवजा अथवा साठ मीटर की बजाय 30 मीटर जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव रखा था। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता के बाद आखिरकार किसानों व अधिकारियों में 30 मीटर जमीन के अधिग्रहण को लेकर सहमति बन गई। शनिवार को भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह के नेतृत्व में किसानों के साथ हुई बातचीत में इस पर मुहर लग गई। इसके बाद गणतंत्र दिवस के दिन प्रशासन व किसानों के बीच समझौते पर अंतिम मुहर लग गई। इसके बाद किसानों ने पिछले तीन सालों से चला आ रहा धरना भी समाप्त करने की घोषणा कर दी। कूबी गांव संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष मायाराम सिंह और भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह ने बताया कि वार्ता के दौरान पांच बिंदुओं में सहमति बनी हैं। नहर का निर्माण 60 मीटर के स्थान पर 30 मीटर में चौड़ाई में किया जाएगा। नहर निर्माण के पश्चात अवशेष 30 मीटर चौड़ाई की भूमि की वापसी की पत्रावली का संचालन कर दिया जाएगा। नहर के दोनों ओर पांच-पांच मीटर की चौड़ाई में कच्चा रास्ता बनाया जाएगा। दोनों रास्तों पर पक्की सड़क बनाने का प्रस्ताव नहर बनने के पश्चात उच्चस्तर को भेजा जाएगा। इस बीच आवश्यकतानुसार वीआरबी एवं गूल कांसिग का निर्माण कार्य भी कराया जाएगा। किसान नेता दानवीर सिंह ने इसे किसानों की बड़ी जीत बताया है।
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