कार्तिक पूर्णिमा पर लगा तिगरी गंगा मेला पांच नवंबर को मुख्य स्नान के साथ ही संपन्न हो गया। हालांकि, इसके अगले दिन बृहस्पतिवार को भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। उन्होंने पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया तो महिलाओं और युवतियों ने मीना बाजार में खरीदारी की।
कार्तिक पूर्णिमा पर लगा तिगरी गंगा मेला बुधवार को मुख्य स्नान के बाद संपन्न हो गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामान समेट कर घर का रूख कर दिया। मुख्य स्नान के दिन शाम तक आधे से अधिक श्रद्धालुओं ने मेला स्थल खाली कर दिया। बृहस्पतिवार दोपहर तक गंगा मेले से अधिकांश श्रद्धालु घर चले गए। मेले में कुछ श्रद्धालु व दुकानदार रह गए।
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हालांकि, मेला संपन्न होने के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को आसपास के गांवों के ग्रामीण मेले में पहुंचे। इस कारण मीना बाजार महिलाओं से गुलजार हो गया। उधर स्नान घाट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने परिवार के साथ पतित पावनी में डुबकी लगाकर सुख समृद्धि की कामना की।
लोगों के मुताबिक गंगा मेला संपन्न होने के अगले दिन दुकानदार सस्ते दामों में सामान बेचते हैं। इस कारण मनोरंजन क्षेत्र में श्रद्धालुओं और आसपास के ग्रामीणों की भीड़ रहती है। शाम तक मेले में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का जमावड़ा रहा। मेले में जमकर खरीदारी की गई। किसी ने घर की जरूरत का सामान खरीदा तो किसी ने अन्य जरूरी सामान। महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन के सामान खरीदे। मीना बाजार में महिलाओं की सुबह से शाम तक भारी भीड़ लगी रही। उधर बच्चों ने चांट-पकौड़ी का आनंद लिया। हिंडोले पर झूलते रहे। मौत के कुआं में बाइक सवारों और कार सवारों के करतब देखे। मिकी माउस का भी आनंद लेते रहे।