कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। स्वास्थ्य कार्यक्रमों की धीमी प्रगति पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सिंघल पर नाराजगी जताई और कड़ी फटकार लगाई। कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे हर कार्यक्रम में जनपद का पिछड़ना का मतलब आपके द्वारा विभागीय योजनाओं में रुचि नहीं ली जा रही है। आयुष्मान योजना के संबंध में समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि फर्जी आंकड़े प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जो रिपोर्ट पिछली बैठक में उपलब्ध कराई गई है।
वहीं रिपोर्ट इस बैठक में उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों के लिए है। पांच लाख का नि:शुल्क इलाज किया जाना है, इसमें किसी प्रकार का समझौता क्षम्य नहीं होगा। कैंप लगाकर छूटे हुए व्यक्तियों को गोल्डन कार्ड बनाए जाएं। चिह्नित कर टीबी मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जाए। जनपद में टीबी का मरीज नहीं रहना चाहिए। आईवीआरएस सिस्टम को एक्टिव किया जाए। डिलीवरी का जो लक्ष्य दिया गया है, वह पूर्ण होना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। आशाओं का भुगतान समय से हो, सीएमओ यह सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाओं की प्रगति निराशाजनक है। स्वास्थ्य सेवाओं का आमजन तक लाभ पहुंचाने के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से करें। मंडल में यदि जनपद पिछड़ता है, तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी की खैर नहीं होगी। किसी भी स्थिति में जनपद को पिछड़ना नहीं है। इस अवसर दौरान जिला विकास अधिकारी सरिता द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एसीएमओ डॉ. राजकुमार राजेश गंगवार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, डीपीएम, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी आदि मौजूद रहे।