रामलीला मैदान की भूमि पर कथित रूप से तहबाजारी वसूलने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर पालिका परिषद के सभासदों ने भूमि को पालिका की बताते हुए तहबाजारी वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले में सीएम दरबार में शिकायत के बाद अब डीएम को शिकायती पत्र सौंपा है। तहसीलदार की रिपोर्ट में रामलीला मैदान की भूमि का मालिकाना हक नगर पालिका परिषद का बताने के बाद स्थिति और उलझ गई है। सभासद संतोष देवी, पुष्पा देवी, गुरचरन सिंह, पूर्व सभासद राजेंद्र सिंह व सतीश कुमार ने डीएम को सौंपे शिकायती पत्र में कहा कि रामलीला मैदान की गाटा संख्या 132 है। यह भूमि श्रेणी छह 4 की है। इस श्रेणी का स्वामित्व नगर पालिका का होता है।
पत्र में आरोप लगाया है कि रामलीला समिति के निवर्तमान पदाधिकारी कथित रूप से वसूली कर रहे हैं। सभासदों ने डीएम से पालिका की भूमि पर बनी दुकानों, फड़ और ठेले वालों से की जा रही अवैध वसूली को रोकने व उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, रामलीला समिति के निवर्तमान अध्यक्ष अजय गोयल ने वसूली के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि रामलीला का मंचन जन सहयोग से ही होता है।