रामलीला समिति की दुकानों से किराया वसूलने और रामलीला मैदान पर लगने वाली दुकानों के ठेके को लेकर चल रहे विवाद के मद्देनजर पुलिस ने दोनों पक्षों के 40 लोगों को शांतिभंग की आशंका में ढाई-ढाई लाख रुपये की धनराशि से पाबंद किया है। इन लोगों को एसडीएम ने 15 अक्तूबर को अपने कोर्ट में तलब किया है। पाबंद किए लोगों में दो पालिका सदस्य व दो पूर्व पालिका सदस्य भी शामिल हैं।
रामलीला प्रबंध समिति के चुनाव, रामलीला मैदान पर बनी दुकानों से किराया वसूलने और मंचन के दौरान दुकानों के ठेके को लेकर समिति के सदस्याें के बीच विवाद चल रहा है। यह सारी भूमि श्रेणी छह (4) की है। इसका स्वामित्व नगरपालिका का होता है। जबकि, रामलीला प्रबंध समिति इस भूमि को रामनौमी की बताती है। पुलिस ने रामलीला समिति के चुनाव, किराया वसूलने व ठेके को लेकर चल रहे विवाद के मद्देनजर दोनों पक्षों के 40 लोगों को शांतिभंग की आशंका में पाबंद किया है। पाबंद किए गए लोगों में एक पक्ष से सुनील त्यागी, अशोक राजीव अग्रवाल, सूरज अग्रवाल, अजय गोयल, रूपक अग्रवाल, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, सतेंद्र कुमार, छत्रपाल, कौशल जैन, सुधाकर मित्तल, मनीत कुमार, सुबोध कुमार, विकास आदि शामिल हैं।
जबकि, दूसरे पक्ष से वीरेंद्र शर्मा, अवनीश, दिनेश पवार, नरेंद्र कुमार, राजीव शर्मा, जागेश, चिंतामणि, नवनीत वर्मा, शंकर सैनी, सुनील अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, अमित, आमोद, अनिल सागर, ज्ञानेंद्र कुमार, आनंद, गुरचरन, विपिन कुमार, संतोष देवी, नितिन, राजेंद्र सिंह, रोहित, सतीश शामिल हैं। संतोष देवी व गुरचरन सिंह नगर पालिका सदस्य हैं, जबकि सतीश कुमार व राजेंद्र सिंह पूर्व सभासद हैं। पाबंद किए गए सभी लोगों को एसडीएम ने 15 अक्तूबर को अपने न्यायालय में तलब किया है। इनमें से 30 को दो माह पहले भी पाबंद किया जा चुका है।