अमरोहा। संपूर्ण लॉकडाउन में अनलॉक वन के आठवें दिन मंदिरों में विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। पहले दिन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बेहद कम रही। चुनिंदा भक्त पूजा अर्चना करने पहुंचे। धार्मिक स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ। मंदिरों में आने पर श्रद्धालुओं के हैंड सैनिटाइज कराए गए। मंदिरों में बाहर से आने वाले प्रसाद पर प्रतिबंध रहा। मंदिर कमेटी और संस्थाओं द्वारा तैयार प्रसाद वितरण कराया गया है। पूरी दुनिया में महामारी बनकर फैले कोरोना वायरस ने लोगों की जिंदगी में बहुत कुछ बदल दिया है। अभी बहुत कुछ बदलने वाला है। वायरस ने हर किसी को कुछ भी करने पर मजबूर कर दिया। आस्था और भक्ति के तौर-तरीके भी बदल गए। संपूर्ण लॉकडाउन के 75वें दिन कंटेनमेंट जोन से बाहर धार्मिक स्थलों को खेलने के लिए अनुमति दी गई।
सुबह सात बजे: वासुदेव तीर्थ मंदिर
अनलॉक वन के आठवें दिन मंदिरों के खुलने के बाद नगर के प्रसिद्ध वासुदेव तीर्थ मंदिर में भक्तों का टोटा रहा। सुबह में एक या दो श्रद्धालु पूजा करने पहुंचे। यहां पुजारी समेत कई लोग मंदिर की धुलाई और साफ-सफाई कर रहे थे। उनका कहना है कि भक्तों में कोरोना का खौफ है, इसके लिए लोग मंदिर आने से कतरा रहे हैं। हालांकि पुजारी ने सुबह-शाम मंदिर में आरती की।
सुबह 7.10 बजे: रियासत वाला मंदिर
मंदिर खुलने के बाद प्राचीन रियासत वाला मंदिर में पूजा अर्चना विधि-विधान के साथ हुई। चुनिंदा भक्त पूजा करने पहुंचे। सुबह सात बजे पुजारी आरती करते मिले। इस दौरान उन्होंने भगवान राम-सीता, हनुमान, राधा-कृष्ण और शिव शंकर-पार्वती की आरती की। करीब नौ बजे तक एक-दुक्का भक्तों का आने का सिलसिला चलता रहा।
सुबह 7.30 बजे: शिवमंदिर मोहल्ला चौक
मोहल्ला चौक ऐसा क्षेत्र है, जहां सबसे पहले कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। इसकी वजह से क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित किया गया था। फिलहाल चौक में स्थिति सामान्य है। लेकिन संपूर्ण लॉकडाउन के चलते मंदिर बंद पड़े थे। 75वें दिन मंदिर के दरवाजे खुले तो कुछ भक्त की पूजा-अर्चना करने पहुंची। इसमें महिलाएं भी शामिल थीं। बदले नियमों के साथ लोगों ने पूजा की। मास्क लगाकर पहुंचे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया।
सुबह 8 बजे: जैन मंदिर मोहल्ला कोट
मोहल्ला कोट स्थित जैन मंदिर में भी कोरोना का असर साफ दिखाईं दिया। सुबह आठ बजे मंदिर सुनसान पड़ा हुआ था। यहां पुजारी और व्यवस्थापक नहीं थे। केवल दो महिलाएं प्रार्थना में लीन थी। जबकि एक बच्चा कुछ दूरी पर बैठकर खेल रहा था। हालांकि की मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं के लिए सोशल डिस्टेंसिंग की अच्छी व्यवस्था की थी।
सुबह 8.15: आजाद रोड गुरुद्वारा
आजाद रोड स्थित गुरुद्वारा में सुबह पांच बजे से साढ़े छह बजे तक पूजा हुई। इसके बाद शाम को साढ़े सात से करीब नौ बजे तक पाठ किया गया। गुरुद्वारा में घुसने से पहले हैंड सैनिटाइजर और हैंडवॉश की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। इसके बाद ही भक्तों को अंदर जाने की अनुमति है। इसके अलावा बाहरी प्रसाद के वितरण पर पूर्णतया पाबंदी है। गुरुद्वारा में तैयार प्रसाद को बांटने की अनुमति है।