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तीन गांवों में लंपी आशंकित छह और गोवंशों की मौत

सार

जिले में लंपी रोग का प्रकोप फैलता जा रहा है।जबकि विभाग महज तीन पशुओं की मौत का दावा कर रहा है।शनिवार को सलारपुर माफी में सोमवीर सिंह, सरपाल सिंह और युनुस के लंपी आशंकित तीन गोवंश की मौत हो गई।जिलेभर में 74700 गोवंशों को टीका लगाया जा चुका है।
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विस्तार
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जिले में लंपी रोग का प्रकोप फैलता जा रहा है। डिडौली क्षेत्र के तीन गांवों में छह और गोवंशों की मौत हो गई। जबकि गांव-गांव सैकड़ों पशु बीमार है। पशु चिकित्सक इलाज करने नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। जिले में लंपी आशंकित मृत पशुओं की संख्या नौ हो गई है। जबकि विभाग महज तीन पशुओं की मौत का दावा कर रहा है।
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शनिवार को सलारपुर माफी में सोमवीर सिंह, सरपाल सिंह और युनुस के लंपी आशंकित तीन गोवंश की मौत हो गई। जबकि जग्गा नगंला के रहने वाले किसान वरुण पंवार, यशपाल सिंह के दो पशुओं ने लंपी रोग के कारण दम तोड़ दिया। वहीं मिलक गांव के रहने वाले गजेपाल के एक गोवंश की लंपी की वजह से मौत हुई है। सलारपुर माफी में करीब चार दर्जन से अधिक पशु लंपी रोग से पीड़ित है। वहीं जग्गा नंगला और मिलक में करीब एक-एक दर्जन पशु लंपी रोग से ग्रस्त है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीण वरुण पंवार का कहना है कि लंपी की वजह से उनके गोवंश की मौत हुई है। कई बार हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा है। वहीं मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ.खुशीराम ने बताया कि जिले में लंपी से ग्रस्त पशुओं की संख्या बढ़कर 244 हो गई है। जबकि 155 पशु अब तक स्वस्थ हो चुके हैं। जिलेभर में 74700 गोवंशों को टीका लगाया जा चुका है। जिले में करीब 350 गांव में पशुओं को टीकाकरण किया जा चुका है। विभाग के पास फिलहाल 15300 टीके मौजूद है। जबकि, जल्द ही 90 हजार टीके स्वास्थ्य विभाग को मिलने वाले हैं। फिलहाल पशुओं का टीकाकरण करने का काम तेजी से चल रहा है।
गांव में डॉक्टर आते हैं फोटो खींचते हैं और चले जाते हैं। दवाई नहीं दे रहे हैं। करीब चार दर्जन पशु लंपी की चपेट में है। जिन का इलाज समय से होना जरूरी है।- धर्मेेंद्र सिंह, ग्रामीण सलारपुर माफी
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गांव में बीमारी बहुत तेजी से फैल रही है। प्राइवेट डॉक्टर पशुओं को छूने के लिए तैयार नहीं है। सरकारी डॉक्टर हमारी मदद नहीं कर रहे हैं। प्रशासन को हमारी मदद करनी चाहिए और शीघ्र हमारे पशुओं का इलाज कराया जाए।- सोमकार सिंह, ग्रामीण सलारपुर माफी
कई बार हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया गया है। लेकिन कोई फोन नहीं उठाता है। सरकारी डॉक्टर बीमार पशुओं का इलाज करने को तैयार नहीं हैं। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने पर कोई उठाता नहीं हैं।-वरुण पंवार, ग्रामीण जग्गा नंगला।
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