गजरौला। टापू पर बसे दारानगर गांव का अंधेरा अगले महीने दूर होगा। गांव में ऊर्जा विभाग की सहायत से ट्रांसफार्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन द्वारा 50 किलोवाट का सोलर सैटअप लगाया जा रहा है। जिस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। गांव के दो सौ घरों में बिजली पहुंचाने के लिए सोलर के एक सौ पैनल लगाए जाएंगे। एक पैनल 330 वाट का है। फाउंडेशन ने सैटअप लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। बिजली के खंभे भी गांव में पहुंचने लगे हैं।
धनौरा तहसील और ब्लाक व गजरौला थाने अंतर्गत पड़ रहा दारानगर गांव गंगा के टापू पर बसा है। इसके एक तरफ गंगा और दूसरी तरफ बाह नाला है। टापू पर बसे होने के कारण देश को आजाद हुए 75 साल बीत गए, लेकिन गांव में बिजली नहीं पहुंची। हालांकि पूर्व सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर ने अपने कार्यकाल में गांव में 150 सोलर पैनल लगवाए थे। टीको वाली, शीशों वाली व मंदिर वाली भुड्डी में भी पूर्व सांसद ने सांसद निधि से सोलर पैनल लगवाए थे, जिनसे घरों में रोशनी हुई, मगर उनसे 24 घंटे बिजली नहीं मिलती। इस कारण दिक्कत सामने आती है। ग्रामीणों की बिजली की समस्या को दूर करने का बीड़ा ट्रांसफार्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन ने उठाया है। फाउंडेशन द्वारा गांव में सोलर सैटअप लगाया जाएगा। जिसका बीते कई दिन से सर्वे चल रहा था। सोलर सैट अप 50 किलोवाट का होगा। इन्वर्टर सैट अप भी करीब 50 किलोवाट का लगाया जाएगा। जिसमें 144 यूनिट की बैटरी लगेगी। 50 किलोवाट के सोलर पैनल और इन्वर्टर सैट अप से घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए 330 वाट के एक सौ पैनल लगाए जाएंगे। बिजली के खंभों के जरिए घर-घर बिजली पहुंचेगी। इस काम को करा रहे शुभम श्रीवास्तव व धनंजय कुमार का कहना है कि काम शुरू कर दिया गया है। अक्तूबर माह में कार्य पूर्ण हो जाएगा। गांव के स्कूल, मंदिर को मुफ्त बिजली दी जाएगी। गांव के चौराहों पर भी बिजली इस्तेमाल किए जाने पर कोई बिल वसूल नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों से किस दर पर वसूली होगी, इसका निर्णय ग्राम समिति तय करेगी। उधर गांव निवासी भोले सिंह, देवेंद्र सिंह, डालचंद्र, मोहनिया, आशा, संतोष, गीता, छंगा, भूकन सिंह, चदंर सिंह आदि ने बताया कि उनके गांव में सोलर सैट अप लग जाने के बाद 24 घंटे बिजली मिलेगी। पढ़ाई-लिखाई कर रहे छात्र-छात्राओं को खासी सहूलियत रहेगी।
नाव के जरिए गांव में पहुंचने लगे बिजली के खंभे
गजरौला। टापू में होने के कारण दारानगर आने जाने के लिए नाव के अलावा और कोई मार्ग नहीं है। उधर गांव में सोलर का सैट अप लगाने का काम शुरू हो गया है। जिसके लिए गांव में बिजली के खंभे भी पहुंचने लगे। बाह नाले तक बिजली के खंभों को ट्रक से पहुंचाया गया। इसके बाद सोमवार को ग्रामीणों ने दो बड़ी नावों को एक साथ मिलाया। उन पर बड़े तख्ते रखे। ट्रैक्टर ट्राली में बिजली के खंभों को लाद कर नाव पर सवार हुए। नाव से खंभे लदे ट्रैक्टर ट्राली को पार कर दारानगर पहुंचाया गया। शुभम श्रीवास्तव ने बताया कि एक दो दिन में खंभे लगाने का काम शुरू हो जाएगा।