पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी, उनके पति पूर्व विधायक हरपाल सिंह के खिलाफ धरने पर बैठे सभासदों 36 घंटे बाद धरना खत्म कर दिया। दूसरे दिन भी एसडीएम ने सभासदों से बात कर उनका ज्ञापन लिया। ईओ व पालिकाध्यक्ष से बात कर धरना समाप्त कराने को कहा। पालिकाध्यक्ष, ईओ की सभासदों से पालिका सभागार में बात हुई।
एक अक्तूबर तक उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया। जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया। सभासदों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी मांग नहीं मानी गईं, तो दोबारा फिर बैठ जाएंगे। सोमवार सुबह 11 बजे से सभासद अरविंद कुमार, राजपाल सिंह, गुड्डू रावत, सभासद पति अनिल अग्रवाल, देवेश शर्मा, दिले उर्फ अशोक चौधरी पालिका कार्यालय के सामने धरना शुरू किया। दोपहर बाद सरताज उर्फ कलुआ, मनु शर्मा, विनिता अग्रवाल, कपिल कुमार, सुमन शर्मा, सौरभ वर्मा भी धरने पर बैठ गए थे।
इस दौरान उन्होंने पालिकाध्यक्ष राजेंद्री, उनके पति हरपाल सिंह पर नगर पालिका में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। सभासदों के वार्ड में विकास कार्य नहीं कराए जाने की आवाज उठाई। कराए गए कार्यों का भुगतान नहीं हो रहा है। उनको कैश बुक नहीं दिखाई जा रही है। भाजपा से जुड़े सभासदों से विकास कार्य में भेदभाव किया जा रहा है। उपरोक्त मांगों को लेकर उनका धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। शाम को एसडीएम चंद्रकांता मौके पर गईं।
उन्होंने अपने सामने पालिकाध्यक्ष, ईओ दीपिका शुक्ला से बात कर धरना समाप्त कराने के लिए कहा। सभासदों ने एसडीएम से कहा कि उनकी मांग पूरी करा दी जाएं, वह उठ जाएंगे। उनका ज्ञापन लेकर व ईओ और पालिकाध्यक्ष से धरना समाप्त कराने के लिए ठोस बात करने की बात कह कर एसडीएम चली गईं। इसके बाद पालिकाध्यक्ष, ईओ व सभासदों की पालिका सभागार में बात हुई। जिसमें उनकी कुछ मांग हाल में ही मान लेने और बाकी एक अक्तूबर तक पूरी करने का आश्वासन दिया। जिस पर धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान सभासदों ने यह चेतावनी दी कि उनकी मांग एक अक्तूबर तक पूरी नहीं हुईं तो अगले दिन से वह दोबारा धरना शुरू कर देंगे।
- पालिका के सामने चल रहा सभासदों का धरना समाप्त हो गया है। सभासदों की कोई मांग इस तरह की नहीं थी। भुगतान की बात थी, भुगतान किया जा रहा है।
- राजेंद्री उर्फ उमा देवी पालिकाध्यक्ष गजरौला।