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Amroha News: चक्कर पर चक्कर लगा रहे फरियादी...समस्या वहीं की वहीं

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मंडी धनोरा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत सुनते डीएम व एसपी। स्रोत सूचना विभाग
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अमरोहा। भले ही सरकार ने लोगों की समस्याओं का समाधान के लिए संपूर्ण समाधान दिवस तय किया है, लेकिन अमरोहा जिले की स्थिति बेहद खराब है। जहां लोग अपनी समस्याओं का निस्तारण करने के लिए ठोकरे खा रहे हैं। एक दो बार नहीं चार से पांच बार शिकायतीपत्र देने के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
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जिला स्तरीय अधिकारियों की कार्रवाई सिर्फ दिशा निर्देशों तक सीमित है तो वहीं निचले अधिकारी समस्याओं का समाधान कराने में खानापूर्ति कर रहे हैं। कई बार लोगों की समस्याओं का निस्तारण के नाम पर फर्जी रिपोर्ट लगा दी जाती है तो कहीं विवाद को निपटाने के लिए मौके तक जाने की जहमत नहीं उठाते। लोगों की समस्याएं बड़ी नहीं है, किसी के चक की पैमाइश होनी है तो कहीं मेड़ काटने का विवाद है। यही छोटी-छोटी समस्याएं बड़ी वारदातों को जन्म देती हैं।
शनिवार को भी जिले की सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ, जिसमें पूर्व में शिकायत कर चुके लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। इस संपूर्ण समाधान दिवस में भी उन्हें आश्वासन ही मिला। शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में स्थिति यही रही। अमरोहा में लगे तहसील दिवस में 22 शिकायतें दर्ज की गईं इनमें से सिर्फ तीन का ही निस्तारण जिम्मेदार कर पाए हैं।
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जबकि, डीएम निधि गुप्ता वत्स व एसपी अमित कुमार आनंद ने मंडी धनौरा तहसील दिवस में शिकायतें सुनीं। यहां सबसे ज्यादा 28 शिकायतें दर्ज की गईं जबकि केवल पांच शिकायतों का ही निस्तारण हो सका है। हसनपुर तहसील में लगे संपूर्ण समाधान दिवस में आईं 17 शिकायतों में से सिर्फ दो का ही समाधान हो पाया है। जबकि नौगांवा सादात में लगे तहसील दिवस में नौ शिकायत दर्ज की गईं लेकिन एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका। कुल मिलाकर जिलेभर में 76 शिकायतों में से सिर्फ 10 का ही निस्तारण हो सका है।
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तीसरी बार आए हैं, समाधान अब तक नहीं
धकतोड़ा के रहने वाले किसान महेंद्र सिंह ने अमरोहा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि उनके खेत पर जाने वाले चक मार्ग को पड़ोसी खेत वाले किसान ने काटकर अपने खेत में शामिल कर लिया है। इसलिए, उन्हें खेत पर जाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कई सरकारी चक्र से कब्जा हटाने के लिए कहा है। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हो रही। पीड़ित महेंद्र सिंह शनिवार को तीसरी बार अपनी शिकायत दर्ज कराने संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे थे।
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समस्या का कर दिया फर्जी निस्तारण
मंडी धनौरा में शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस भी महज खानापूर्ति बन कर रह गया। गजरौला से आए कमरुद्दीन चौथी बार अपनी शिकायत लेकर समाधान दिवस में आए थे। उनका कहना है कि उनकी भूमि पर कुछ दबंग लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। वह अब से पहले तीन बार समाधान दिवस में शिकायत कर चुके हैं। लेकिन अभी तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि तीन बार से उनकी समस्या की शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया जाता है। लेकिन उनकी समस्या जस की तस है।

कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
गजरौला के बुद्ध बाजार से अपने पति के साथ आई बुजुर्ग महिला प्रेमलता की भी यही पीड़ा थी। उनका कहना था कि उनके मोहल्ले में एक व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर रास्ता बंद कर दिया है। समाधान दिवस में तीन बार शिकायत करने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। रास्ता बंद होने से उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। थाने व तहसील में भी शिकायत की जा चुकी है। शनिवार को फिर से वह समाधान की उम्मीद लेकर आए हैं। देखना बाकी है कि अब भी समाधान होगा या नहीं।

हमारे खेत की चकरोड़ कुछ लोगों ने जोत रखी है। लेखपाल जाते है और खानापूर्ति करके लौट जाते हैं। कई बार समाधान दिवस में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। जल्द ही समाधान कराया जाए।
-राकेश कुमार, कांकाठेर
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- मेरे बेटे का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ पा रहा है। करीब दस बार प्रार्थना पत्र समाधान दिवस में दिया जा चुका है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। शनिवार को फिर प्रार्थना पत्र दिया है। जल्द ही समाधान कराया जाए।
-नेकसा, चकफेरी

सरकारी चकरोड़ एवं नाले की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। जिससे मैं अपने खेत पर नहीं जा पा रहा हूं। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार समाधान दिवस में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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-पप्पू वन, चंदनकोटा
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