अमरोहा। नगर कोतवाली के तीन सिपाहियों पर लगे कारोबारी से अवैध वसूली करने आरोप की जांच लगातार जारी है। तीनों सिपाहियों के बयान सीओ ने अपने ऑफिस में बुलाकर दर्ज किए हैं। उधर, पीड़ित मांस कारोबारी का आरोप है कि कोतवाली और एसओजी से जुड़े पुलिसकर्मी लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं।
मांस बिक्री का लाइसेंस निलंबित करने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित कारोबारी ने मामले की शिकायत डीआईजी से करने की बात कही है। उधर, पीड़ित कारोबारी के बुधवार को सीओ के सामने बयान दर्ज नहीं हो सके। चर्चा है कि कारोबारी को बुलाया गया था इसके बाद कारोबारी सीओ कार्यालय के पास पहुंच भी गए थे लेकिन उन्हें दोबारा फोन करके बुलाने की बात कह कर वापस भेज दिया गया है।
अमरोहा के मोहल्ला लकड़ा में मांस की दुकान चलाने वाले उवैद का आरोप है कि करीब एक माह पहले नगर कोतवाली में तैनात तीन सिपाही उवैद की दुकान पर पहुंचे और उन्हें पकड़कर कोतवाली ले गए। तीनों ने किसी परिचित से मांस मंगाकर फर्जी मुकदमा लिखने की धमकी दी। सिपाहियों ने अपने किसी परिचित से मांस मंगाकर उवैद के खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखा दिया। इसके बाद सिपाहियों ने लाइसेंस निलंबित करवाने की धमकी दी और बचने के लिए दो लाख की मांग की गई।
इस पर उवैद ने परिजनों से बात करके तीनों सिपाहियों को 1.2 लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि मुकदमा लिखने के बाद थाने से ही जमानत दे दी गई लेकिन दूसरे दिन फिर तीनों सिपाही दुकान पर पहुंचे और पांच हजार रुपये की मांग करने लगे। उवैद ने रुपये देने से मना किया तो इलेक्ट्रॉनिक कांटा उठाकर ले गए। पीड़ित ने कोतवाली जाकर अपना इलेक्ट्रिक कांटा मांगा तो लौटाने से मना कर दिया।