निजी अस्पताल में गर्भवती के आपरेशन के बाद चिकित्सक स्टाफ की लापरवाही के मामले में सीएमओ डॉ. राजीव सिंघल ने नोडल अधिकारी को जांच करने के आदेश दिए है। वहीं पीड़ित की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है।
मामला नौगांवा सादात के एक निजी अस्पताल का है। थाना क्षेत्र के गांव बांसखेड़ी निवासी शमशेर अली की पत्नी नजराना को प्रसव पीड़ा हुई तो उसने कस्बे के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक स्टाफ की लापरवाही के चलते ऑपरेशन के दौरान तौलिया अंदर रह गया। नजराना ने पेट दर्द की शिकायत चिकित्सक से की तो चिकित्सक ने सर्दी का बहाना बताकर पांच दिन बाद डिस्चार्ज कर दिया था। घर पर आने के बाद भी जब नजराना की तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसका अल्ट्रासाउंड हुआ मगर बीमारी समझ नहीं आई तो घर आ गई।
रविवार को परिजन नजराना को लेकर दूसरे अस्पताल में ले गए और उसका ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान पेट से तौलिया निकलने पर परिजन सकते में आ गए। शमेशर अली ने कहा कि वह इस मामले में सीएमओ से निजी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई को कहेंगे। मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ. राजीव सिंघल ने इस मामले की जांच नोडल अधिकारी डॉ शरद को सौंपी है। हालांकि अभी तक शमशेर अली की ओर से लिखित में कोई शिकायत नहीं मिली है मगर फिर भी जांच कराई जाएगी।