आठ अगस्त की रात शकरपुर समसपुर गांव के रहने वाले शम्शुद्दीन और उनके बेटे शाकिब व शहादत कैंटीन पर थे। रात करीब 11 बजे एक कार दुकान पर आकर रुकी। जिससे चार लोग उतरे। आरोप है कि पांचों नशे में थे और खुद को पुलिसकर्मी बता रहे थे। सभी पुलिसकर्मी महीना मांग रहे थे। इस बीच शम्शुद्दीन व पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हो गई।
इसके बाद चारों ने मारपीट शुरू कर दी। शम्शुद्दीन के मुताबिक उनके बेटे शाकिब को चारों ने पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई की। इस बीच शहादत ने वीडियो बनाना शुरू किया तो उसे भी दौड़ाकर पीटा। करीब 15 मिनट तक सिपाही दुकान पर हंगामा करते रहे। किसी तरह शहादत ने मारपीट और गाली-गलौज की वीडियो बना लिया। भीड़ जमा होने पर चारों पुलिस कर्मी तीनों पिता-पुत्र को थाने ले गए थे।
ग्रामीणों के हंगामे के बाद पुलिस ने तीनों को छोड़ा था
सूचना पर आक्रोशित ग्रामीण थाने पहुंचे और हंगामा किया। इस पर पुलिसकर्मियों ने तीनों को छोड़ दिया था। कैंटीन संचालक के बेटों से मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ था। पीड़ित शम्शुद्दीन ने मामले की शिकायत एसपी अमित कुमार आनंद से की थी जबकि सदर विधायक महबूब अली ने भी पुलिस कर्मियों के रवैये पर नाराजगी जताई थी। एसपी ने मारपीट करने के मामले में कांस्टेबल राहुल भाटी सहित एक अन्य सिपाही को निलंबित कर दिया था जबकि एसएसआई आकाश कुमार, सिपाही राहुल राणा और दीपक तोमर को लाइन हाजिर कर दिया था। उधर, शम्शुद्दीन के बेटे साकिब ने न्यायालय की शरण ली। उनके अधिवक्ता आरिफ मलिक ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सीओ सिटी को जांच करके 30 अगस्त को न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं।