रहरा (अमरोहा)। देहरादून में बादल फटने पर नदी में बहे गांव रहरा निवासी पुष्पेंद्र और पीतम के शव गांव पहुंच गए। गंगाघाट पर दोनों के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शनिवार को विधायक महेंद्र खड़गवंशी ने मृतकों के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। हर संभव मदद कराने का आश्वासन दिया।
हसनपुर के गांव रहरा और आसपास के गांव के रहने वाले 11 मजदूर रक्षाबंधन त्योहार से दो दिन बाद देहरादून के बाजावाला गांव में मजदूरी करने गए थे। बताते हैं कि स्पिना नदी से बजरपुट निकाला जा रहा था। मंगलवार तड़के करीब 5.18 पर भारी बारिश और बादल फटने की वह से नदी में बाढ़ आ गई थी। नदी में काम करते समय रहरा निवासी पुष्पेंद्र (20), प्रीतम (22) और पंकज (27) बह गए थे।
पांच घंटे बाद पंकज का शव मिल गया था। देहरादून में ही पंकज के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इसी बीच बृहस्पतिवार की रात को सहारनपुर के नजदीक प्रीतम का शव मिला और हरियाणा के नजदीक पुष्पेंद्र का शव मिला था। प्रीतम का शव शुक्रवार की शाम को गांव रहरा लाया गया था। जिसका गंगाघाट पर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद शनिवार की शाम को पुष्पेंद्र का शव भी गांव पहुंच गया। अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है।