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देश में हिंदू-मुस्लिम नहीं, असली और नकली हिंदू की लड़ाई : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

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हसनपुर/गजरौला (अमरोहा)। ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि इस समय देश और प्रदेश के भीतर हिंदू-मुस्लिम की कोई लड़ाई नहीं है, बल्कि यह लड़ाई अब असली हिंदू बनाम नकली हिंदू के बीच की हो चुकी है। गोमाता के नाम पर झूठ की राजनीति हो रही है।
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वह देशव्यापी 81 दिवसीय गाविष्टि (गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के तहत बुधवार को गजरौला और हसनपुर में रहे। हसनपुर में अतरासी रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल और गजरौला में भानपुर रेलवे फाटक रोड स्थित बैंक्वेट हॉल में उनके स्वागत समारोह हुए। हसनपुर में समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं व क्षेत्र के लोगों ने उनका स्वागत किया।

इस दौरान आयोजित जनसभाओं में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि खुद को हिंदू हितैषी और गाय को माता बोलने वाले नेता आज तक गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दिला सके। भाजपा गोमाता के नाम पर केवल झूठ की राजनीति कर रही है। सत्ता में बैठे लोग गोवंश के संरक्षण को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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उन्होंने कहा कि वेदों और पुराणों में गाय को माता माना गया। गाय को सिर्फ पशु मानकर सरकार अंग्रेजाें के नक्शे कदम पर चल रही है।गोहत्या पर पशु क्रूरता का कानून लागू होना गलत है। इतिहास में दर्ज है कि मुस्लिमों ने खाने के लिए गाय का वध नहीं किया, बल्कि हिंदुओं को चिढ़ाने के लिए करते थे। उन्होंने आह्वान किया कि गाय को पशु मानने वाली सरकार को अब अंग्रेजों की तरह सत्ता से हटाने के लिए जुट जाने का समय है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार गाय को राष्ट्रमाता घोषित कर प्रोटोकॉल बनाए। गोमाता के बारे में देश में सिर्फ एक कानून हो। चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार गाय को पशु समझती है तो घोषणा करे, फिर उसे सबक सिखाया जाएगा।
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