तिगरी गंगा मेले में हुंकार भरते साधु संन्यासी। संवाद
तिगरी धाम (अमरोहा)। तिगरी गंगा मेले में साधु संतों के शाही स्नान और पेशवाई में भक्ति का रंग उड़ा। विभिन्न संप्रदायों के संन्यासियों ने हैरतंगेज करतब दिखाकर श्रद्धालुओं को चकित कर दिया। संन्यासियों ने गंगा में शाही स्नान कर मेले को कुंभ की तर्ज पर मनाने के लिए हुंकार भरी।
तिगरी गंगा मेले में विभिन्न अखाड़ों से जुड़े देश भर के साधु संन्यासी बीते कई दिन से धूनी रमाए हैं। यहीं पर उनका कल्पवास चल रहा है। धूनी पर ही अखंड ज्योति जल रही है। साधु संन्यासी तड़के गंगा में स्नान कर भगवान की भक्ति में लीन हो जाते हैं। देवोत्थान एकादशी पर शनिवार को महंत नरोत्तम गिरि महाराज और कर्णपुरी महाराज के नेतृत्व में साधु संन्यासियों ने तिगरी गंगा मेले में शाही स्नान किया। इससे पूर्व धूनी स्थल से गंगा तट तक पेशवाई की। इस दौरान साधु संन्यासी हैरतंगेज करतब दिखाते हुए चल रहे थे। उनका तड़के शुरू हुआ शाही स्नान और पेशवाई 11 बजे संपन्न हुआ।
कर्णपुरी महाराज ने कहा कि पंचदशनाम और जूना अखाड़ा के साथ ही अन्य अखाड़ों से जुड़े साधु संन्यासियों ने देवोत्थान एकादशी पर गंगा में स्नान कर तिगरी गंगा मेले को कुंभ जैसा बनाने का संकल्प लिया है। इस दौरान स्वामी हर मनोज दास महाराज, हरिओम गिरि महाराज, बद्री विशाल से रामनानंद गिरि महाराज, जोशीमठ से पर्वत गिरि महाराज, उज्जैन व हरिद्वार से महाकाल महाराज, हिमाचल से धर्म गिरि महाराज, शक्तिनाथ, बुद्धनाथ और संभल से दीनानाथ महाराज समेत कई प्रमुख साधु संत शामिल हुए।