गांव में मंगलवार शाम को मंदिर की जमीन में पूजा-पाठ को लेकर सांप्रदायिक बवाल हो गया था। टकराव के दौरान दोनों संप्रदाय के लोगों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ था। बवाल में दो महिलाओं समेत छह लोग घायल हुए थे। जानकारी मिलते ही गांव पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने बिगड़ती स्थिति पर काबू पाया था। देर रात में एसपी आदित्य लांग्हे ने भी मौका मुआयना किया था। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात है। मामले में 15 नामजद व 100 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर ग्राम प्रधान चांद खां, डॉ. शजर उद्दीन खान, रुसत खान, अकरम खान, अल्लाउद्दीन खां, इशफाक खां समेत 11 आरोपियों का चालान कर चुकी है।
शुक्रवार को भी सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस बल की तैनाती रही। शुक्रवार को भी एसडीएम सुधीर कुमार सिंह व सीओ सतीश चंद पांडे ने दोनों संप्रदाय के लोगों को समझाते हुए भाईचारे के साथ गांव में रहने की अपील की। साथ ही अधिकारियों ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने लोगों से बातचीत भी की। सीओ सतीश चंद पांडेय ने बताया कि पलायन की खबर महज अफवाह है। दोनों पक्षों के लोगों को समझा दिया गया है। गांव में पूरी तरह शांति है। लोग अपने रोजमर्रा के कार्यों में जुटे हैं।
-
पलायन की बात अफवाह, भ्रमित करने वालों पर कसेगा शिकंजा
गांव में सांप्रदायिक बवाल के बाद पीड़ित पक्ष के लोगों द्वारा गांव से पलायन करने की बात कही गई। हालांकि, यह बात सामने आने के बाद पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित पक्ष से वार्ता की। सीओ ने बताया कि सामने आया कि पलायान की धमकी देने के लिए एक व्यक्ति विशेष ने गलत तरीका इस्तेमाल किया। पलायन की धमकी महज अफवाह है। प्रशासन पीड़ित पक्ष के साथ है। पीड़ित परिवारों को भ्रमित करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। जो लोग ग्रामीणों को भ्रमित और भड़का रहे हैं उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। जिसके बाद उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि गांव के लोग रोजमर्रा के काम के लिए आ जा रहे हैं। गांव का माहौल सामान्य है।
आरोपी हैं फरार, सहमी हैं महिलाएं और बच्चे
सांप्रदायिक बवाल के मामले में पुलिस ने 15 लोगों को नामजद करते हुए 100 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 100 आरोपियों में शामिल लोगों को पुलिस चिह्नित कर रही है। पुलिस की कार्रवाई के डर से बहुत से लोग गांव से भाग गए हैं या अपना नाम आने के डर से कहीं घरों से नहीं निकल रहे हैं। वहीं, कई घरों में सन्नाटा पसरा हुआ है और वहां महिलाएं ही मौजूद हैं।