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Amroha News: मैंगो पैक हाउस की मशीनों का परीक्षण पूरा, मुंबई भेजी गई आम की खेप

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अमरोहा। मैंगो पैक हाउस से आम निर्यात को लेकर आस जगी है। बनारस व फरीदाबाद से पहुंचे विशेषज्ञों ने दो मशीनों का निरीक्षण किया। साथ ही दोनों मशीनों का ट्रायल कर दो टन आम की खेप को मुंबई भेजा गया है। दोनों मशीनों के निरीक्षण के बाद जल्द ही सर्टिफिकेट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद यहां से आम के निर्यात को और गति मिल सकेगी।
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अमरोहा की ढोलक ही नहीं, बल्कि यहां का आम भी विदेशों में खास पहचान रखता है। यहां करीब 10 हजार हेक्टेयर में आम के बाग हैं। जिनमें तरह-तरह के आमों की पैदावार होती है। देश के अलग-अलग कोनों के अलावा सात समंदर पार भी यहां का आम विदेशियों को भी अपने स्वाद का दीवाना बनाए हुए है। इसी को देखते हुए सरकार ने यहां मैंगो पैक हाउस की सौगात दी थी। पिछले साल कृषि एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मैंगो पैक हाउस की शुरूआत की थी। लेकिन कुछ मशीनों का ट्रायल व परीक्षण न होने तथा बिजली की कमी के चलते मैंगो पैक हाउस का लाभ नहीं मिला पा रहा था।
हाल ही में मंडी समिति द्वारा एपीडा को हॉट वाटर ट्रीटमेंट व प्लांट एंड क्वारंटाइन मशीनों के परीक्षण के लिए पत्राचार किया गया था। मंडी समिति के सचिव सचिन शर्मा के अनुसार शनिवार को प्लांट क्वारंटाइन डिवीजन फरीदाबाद से सहायक निदेशक कीट विशेषज्ञ एसके दास व प्लांट क्वारंटाइन स्टेशन बनारस से प्लांट प्रोटेक्शन ऑफिसर ने दोनों मशीनों का निरीक्षण किया गया। साथ ही हसनपुर के आम निर्यातक इशांत सैनी द्वारा करीब दो टन आम की खेप को मुंबई के लिए भेजा गया है। इशांत सैनी ने बताया कि अभी और आम की खेप को भेजा जाएगा।
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बिजली की समस्या अभी बरकरार
मैंगो पैक हाउस के लिए भले की सभी जरूरतों को पूरा कराया जा रहा हो, लेकिन इसके संचालन में सबसे बड़ी बाधा बिजली का न होना है। इसका लाभ यहां के आम कारोबारियों को मिले, इसके लिए डीएम राजेश कुमार त्यागी ने भी बिजली की समस्या के समाधान के लिए शासन को पचास किलोवाट के सोलर सिस्टम का प्रस्ताव भेजा था। लेकिन अभी तक प्रस्ताव पर शासन की मंजूरी की मुहर नहीं लग सकी है। बिजली के न होने से निर्यातकों को आम की प्रोसेसिंग महंगी पड़ती है। जिसके चलते मुनाफा नहीं आ पाता है। इस कारण भी निर्यातक मैंगो पैक हाउस की ओर आकर्षित नहीं हो पा रहे हैं।
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