गजरौला (अमरोहा)। खादर के गांवों में तेंदुए की दहशत बरकरार है। आलम यह है कि ग्रामीण अपने पालतू पशुओं को खेतों में चराने से ले जाने में भी डर रहे हैं। उन्हें यही चिंता है कि कहीं जानवरों को देख तेंदुआ उन पर हमला न कर दे। वहीं गांवों में शाम ढलते ही ग्रामीण घरों में कैद हो रहे हैं।
गुरुवार को भी खादर के गांव बहलोलपुर, पतेईऐमन, नौनेर और चकनवाला में गांवों की चौपालों पर तेंदुए का ही जिक्र चलता रहा। गांव वाले इस कदर दहशत में हैं कि अकेले खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं। इतना ही नहीं कई ग्रामीणों ने अपने पशुओं को चराने के लिए खेतों में ले जाता बंद कर दिया है। इनका कहना कि तेंदुआ उनके पशुओं को निवाला बना सकता है। वहीं गांवों के युवक सुबह के समय खेतों में लाठी-डंडे और फावड़े लेकर तेंदुए की तलाश कर रहे हैं। हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। इन गांवों में शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है। दहशतजदा लोग घरों में कैद हो रहे हैं। वहीं डिप्टी रेंजर मनोज कुमार का कहना है कि अफवाहों से बचें और सतर्क रहें। वन विभाग की टीमें गश्त कर रही हैं। बता दें कि मंगलवार को गांव नौनेर में तेंदुआ देखे जाने के शोर के बीच मस्जिद से भी एलान हुआ था। वहीं बुधवार को गांव पतेई एमन में मुन्नु के स्पेलर के पीछे खेत में तेंदुआ देखे जाने के शोर के बाद फायरिंग भी की गई थी।