कैंसर से प्रभावित कूबी गांव में जल निगम के हेड मैकेनिक की अगुवाई में टीम ने पहुंचकर सरकारी हैंडपंपों के पानी का सैंपल लेकर जांच को प्रयोगशाला भेजा। वहीं कैंसर-लकवे से प्रभावित उमरी जानिवगर्व गांव में अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची।
जोया ब्लाक के गांव कूबी में कैंसर से पीड़ित होकर दो साल में दस लोगों की मौत हो चुकी है। गांव के कई लोग पीड़ित हैं। गांव में कल स्वास्थ्य विभाग की टीम औपचारिकता निभाकर लौट आई थी। शनिवार को जल निगम के हेड मैकेनिक की अगुवाई में एक टीम गांव पहुंची और इंडिया मार्का सात हैंडपंपों के पानी का सैंपल लिया। टीम ने इंद्रपाल, अजयपाल, सुरेंद्र, महकार, संजीव, विक्रम और मुकेश के घरों के पास लगे हैंडपंपों के पानी को देखा। हैंडपंपों का पानी भरकर रखने के कुछ ही देर बाद पीला हो जाता है।
जल निगम के हेड मैकेनिक मदन सिंह ने बताया कि अधिशासी अभियंता आरके जैन के आदेश पर वह कूबी में पानी का सैंपल लेने गए थे। सैंपल लेकर जल निगम कार्यालय की प्रयोगशाला में जमा करा दिए गए हैं। उधर उमरी जानिवगर्व गांव में दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। ग्रामीण खासतौर पर लकवाग्रस्त दस परिवारों के लोग इंतजार करते रहे। ग्राम प्रधान जितेंद्र सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव ने गांव में लगे सभी सरकारी हैंडपंपों की सूची बनाई है।
केंद्रीय भूमि जल बोर्ड भी भेज सकता है टीम
भू-गर्भ जल के प्रदूषित होने के बारे में शिकायत पहुंचने पर केंद्रीय भूमि जल बोर्ड भी टीम भेजकर जांच करा सकता है। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के चेयरमैन केबी विश्वास ने फोन पर बताया कि राज्य सरकार की ओर से या प्रशासन की ओर से भूमिगत जल के प्रदूषित होने की जानकारी दी जाए तो वैज्ञानिकों की टीम से जांच कराई जा सकती है। उनका कहना है कि जमीन के भीतर बालू की परतों के हिसाब से प्रदूषित पानी नीचे फैलता है। इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
अमरोहा में नहीं बंद हुए वाशिंग प्लांट
अमरोहा। भूगर्भ जल को प्रदूषित करके जहरीला बनाने वाले वाशिंग प्लांट जिला प्रशासन के बंद नहीं करा पाने की वजह से ही हैंडपंप जहर उगल रहे हैं। यदि वाशिंग प्लांट बंद नहीं हो सकें तो कम से कम इनमें ट्रीटमेंट प्लांट लगा दिए जाएं। दूषित पानी को ट्रीटमेंट के बाद जमीन में डाला जाएगा तो भू गर्भ जल पर इतना असर नहीं पड़ेगा।