साथलपुर बीच वाली मढैया में अांबेडकर की मूर्ति गायब होने पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों को समझाते हुए।
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आमदपुर थानाक्षेत्र के साथलपुर बीच वाली मढ़ैय्या गांव में आंबेडकर की मूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों में रोष फैल गया। गांव में तनाव की स्थिति बन गई। ट्राली भरकर ग्रामीण थाने पहुंच गए। पुलिस ने मूर्ति को एक ग्रामीण के घर से बरामद कर लिया है। ग्रामीणों ने मूर्ति हटाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव साथलपुर में तीन मझरे हैं। साथलपुर बीच वाली मढ़ैय्या में जाटव आबादी रहती है। करीब दस दिन पूर्व गांव में आंबेडकर पार्क के लिए आरक्षित तीन बीघा भूमि पर फाउंडेशन बनाकर आंबेडकर की मूर्ति लगाई गई थी। 14 अप्रैल को मूर्ति का उद्घाटन होना था। सोमवार की सुबह ग्रामीण आंबेडकर पार्क की ओर गए तो वहां आंबेडकर की मूर्ति नहीं थी। यह बात गांव में फैल गई। गुस्साए ग्रामीण ट्रैक्टर ट्राली से थाने पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रधान पुत्र ने साथियों के साथ मूर्ति हटाई है। गांव पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। पुलिस ने गांव के निहाल सिंह जाटव के घर से मूर्ति बरामद कर लिया। प्रधान पुत्र नंद किशोर ने बताया कि पुलिस बिना अनुमति मूर्ति लगाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई का दबाव बना रही थी। इसलिए मूर्ति का हटा दिया गया। वहीं, ग्रामीणों का कहना था कि जब गांव में सर्वसम्मति से मूर्ति लगाई गई थी तो इसमें अनुमति लेने की क्या बात है। ग्रामीणों ने मूर्ति हटाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसओ आदमपुर अजीत रौरिया का कहना है कि आंबेडकर की मूर्ति लगाई गई थी। लेकिन, इसकी अनुमति नहीं ली गई थी। अभी ग्रामीणों की ओर कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।