उमस और पसीनों से झेलनी पड़ रही है परेशानी
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जेठ की तपन बढ़ने लगी है। हर दिन गर्मी के रिकार्ड टूटने लगे हैं। पिछले छह दिनों में पारा छह डिग्री बढ़ा है। यही वजह है कि पारा 42 के पार पहुंच गया है। 16 मई को दिन का अधिकतम तापतान 35 डिग्री मांपा गया। जबकि 22 मई को तापमान 41.2 रहा। जेठ की झुलसा देने वाली दोपहरी में लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सूरज की तपिश और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
मौसम के लिहाज से मंगलवार का दिन खाशा गर्म रहा। जबकि सोमवार के मुकाबले दिन के तापमान में बढ़ोत्तरी होने के कारण लोग झुलसा देने वाली गर्मी के अहसास से घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। दूसरी ओर अभिभावकों ने भी बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज किया। मंगलवार को पिछले दिन के मुकाबले तापमान में बढ़ोत्तरी के बाद पड़ी भयंकर गर्मी के इजाफे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़कों पर जहां-तहां तारकोल पिघला हुआ दिखाई दे रहा था। जबकि इस दौरान रफ्तार से चली गर्म हवाओं ने राहगीरों का चलना दूभर कर दिया। तपती दोपहर का सितम उस वक्त और भी बढ़ गया जबकि शहर में लगे ज्यादातर हैंडपंपों ने धोखा दे दिया। जबकि कुछ में पानी सूख गया है तो कुछ सालों से ठीक कराने के इंतजार में नगर पालिका की बाट जोह रहे हैं। इस बीच गला तर करने को लोग पानी की तलाश में भटकते नजर आए। दोपहर बाद गर्मी अपने चरम पर थी।
इस दौरान लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रोजमर्रा के काम करने वाले भी दोपहर में सुस्ताते देखे गए। दूसरी ओर दुकानों से ग्राहक गायब थे। जरूरी कामों से निकलने वाले भी शाम होने के इंतजार में घरों में दुबके रहे। शाम होते-होते तापमान सामान्य होने के बाद सड़कों पर रौनक लौट आई। इस बीच आवाजाही बढ़ने लगी थी। और लोग परिवार सहित दिनभर की गर्मी से निजात पाकर शहर के पार्कों में आराम फरमाते देखे गए।