अमरोहा। ऑनलाइन हाजिरी समेत तमाम योजनाओं के डिजिटाइजेशन के विरोध में शिक्षक मुखर हो गए हैं। सोमवार को विभिन्न संगठनों से जुड़े शिक्षकों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर धरना प्रदर्शन करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। शिक्षक शिक्षामित्र अनुदेशक कर्मचारी मोर्चा ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर अपना विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा। कहा कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो 29 जुलाई को लखनऊ में महानिदेशक कार्यालय पर प्रदर्शन के लिए विवश होना पड़ेगा।
बेसिक स्कूलों में डिजिटल हाजिरी को लेकर शिक्षक लगातार विरोध कर रहे हैं। शिक्षकों के इस विरोध में शिक्षामित्र व अनुदेशक भी साथ हो लिए हैं। आठ जुलाई से डिजिटल हाजिरी की प्रक्रिया लागू होने के आदेश के बाद से शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। कई संगठन आठ जुलाई से ही हाथ पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए अपना विरोध जता रहे हैं। दोपहर तीन बजे शिक्षक, शिक्षामित्र अनुदेशक कर्मचारी मोर्चा के बैनर तले सभी शिक्षक, शिक्षा मित्र व अनुदेशक बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट पर जमा होना शुरू हो गए। बड़ी संख्या में उपस्थित हुए शिक्षकों ने यहां धरना शुरू कर दिया।
प्रदेश महामंत्री नरेश कौशिक ने कहा कि शिक्षकों पर अव्यवहारिक रूप से डिजिटल हाजिरी को थोपा जा रहा है। जोकि ठीक नही है। कहा कि जिले में बहुत से विद्यालय ऐसे हैं, जहां बरसात के मौसम में जलभराव हो जाता है। जहां समय से विद्यालय पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। थोड़ा भी देर होने पर डिजिटल हाजिरी नहीं लगाई जा सकेगी। कहा कि इस अव्यवहारिक आदेश को लागू करने से पहले शिक्षक प्रतिनिधियों से भी वार्ता नहीं की गई।
जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विकास चौहान ने कहा कि हमारा उद्देश्य विभागीय कार्यों में अवरोध उत्पन्न करना नहीं है। शिक्षक विपरीत परिस्थितियों में भी विद्यालय पहुंचकर शिक्षण कार्य करते हैं। शिक्षण कार्यों से इतर भी दूसरे कामों में अपना निरंतर सहयोग देते हैं। इसके बाद भी शिक्षकों की कर्तव्यनिष्ठा पर संदेह कर अपमानित करने की कोशिश की जा रही है। विरोध प्रदर्शन करते हुए शिक्षकों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर भगत सिंह को सौंपा।
-
यह हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें-
- ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति तत्काल प्रभाव से निरस्त हो।
- अन्य कर्मचारियों की भांति अर्जित अवकाश, हाफ डे सीएल दिए जाएं।
- पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
- सभी विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद बहाल करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाए।
- शिक्षा मित्र व अनुदेशकों को नियमित किया जाए, साथ ही समान कार्य समान वेतन के आधार पर मानदेय निर्धारित किया जाए।
- सभी शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए।
- सभी शिक्षकों, शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों को सामूहिक बीमा व कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाए।
जोया में संकुल शिक्षकों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
अमरोहा/ जोया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ से जुड़े संकुल शिक्षकों ने भी सोमवार को विरोधस्वरूप नारंगरपुर जोया बीआरसी पर जिला मंत्री मुकेश चौधरी के नेतृत्व में अपने इस्तीफे खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर सौंप दिए। यहां के बाद शिक्षकों ने अमरोहा बीएसए कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। यहां शिक्षकों ने मांगों से संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह, रामकिशोर, कैलाश चंद यादव, मोहम्मद हारुन, नखराज सिंह, हरकेश सिंह, सुरेंद्र सिंह, नाजिर अली, तेजपाल सिंह, राजकुमार आदि शामिल रहे।
-
नौगांवा में भी शिक्षकों ने जताया विरोध
नौगांवा सादात। डिजिटाइजेशन के विरोध में नौगांवा सादात में भी शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। बीआरसी याहियापुर में इकट्ठा हुए शिक्षकों ने विरोध जताते हुए संकुल शिक्षकों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। शिक्षको का कहना है कि संकुल शिक्षक का कार्यकाल दो वर्ष का था। जिसका समय एक वर्ष पहले ही खत्म हो गया है। लेकिन इसके बाद भी विद्यालय समय के बाद कार्य कराया जा रहा है। इसलिए अब हम इस संकुल शिक्षक पद से इस्तीफा दे रहे हैं। सर्वेश कुमार, महेश कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, नदीम, सत्यप्रकाश, प्रमोद, शिखा गुप्ता, महेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
-