मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के एक गांव में किसान का परिवार रहता है। उसकी 15 वर्षीय बेटी बीमार थी। लोगों के कहने पर किसान अपनी बेटी को झाड़-फूंक से इलाज कराने के लिए बिजनौर जनपद के नूरपुर थानाक्षेत्र के गांव लिंडरपुर जाफरा (जाफराबाद) निवासी तांत्रिक शाकिर के पास लेकर पहुंचे। यहां तांत्रिक ने इलाज शुरू करा दिया, जिसके बाद तांत्रिक इलाज करने के बहाने किसान के घर आने लगा। 13 अप्रैल को तांत्रिक शाकिर झाड़-फूंक करने के बहाने किशोरी को अपने साथ ले गया।
परिजनों ने किशोरी को काफी तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पीड़ित किसान ने मामले में तांत्रिक शाकिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने बिजनौर से किशोरी को बरामद कर तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के सामने पीड़िता ने अपने बयानों में तांत्रिक शाकिर पर दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया था। पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की थी। बाद में पुलिस ने तांत्रिक शाकिर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था।
ये मुकदमा पॉक्सो प्रथम डॉ. कपिला राघव की अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को न्यायालय ने मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने शाकिर को दोषी करार दिया। इसके बाद शाकिर को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में फिर सुनवाई की और दोषी शाकिर को 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं जुर्माने की राशि से 30 हजार रुपये पीड़िता को सौंपने के आदेश दिए हैं।