अमरोहा। जिला बनने के बाद 26 साल बाद नई पुलिस लाइन का सपना साकार होने वाला है। मंडी समिति के किराए के भवन में संचालित जनपद की पुलिस लाइन की अब अपनी बिल्डिंग होगी। तमिलनाडु की कंपनी पुलिस लाइन का निर्माण करेगी। इसके लिए अधिकारी-कर्मचारियों ने डेरा जमा दिया है। 268 करोड़ के बजट में से 66.73 करोड रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। उम्मीद है कि पंद्रह अगस्त से पहले पुलिस लाइन के निर्माण का कार्य शुरू हो सकता है।जिला अमरोहा 15 अप्रैल 1997 को स्थापित हुआ था। इससे पहले ये मुरादाबाद जनपद का हिस्सा था। जिसका मुख्यालय अमरोहा नगर को बनाया गया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने अमरोहा जनपद की घोषणा की थी। उस समय इसका नाम ज्योतिबा फुले नगर रखा गया था। जिला बनने के बाद अमरोहा की पुलिस लाइन मंडी समिति की दुकानों में किराए पर चल रही है। पुलिस लाइन के लिए 2011 में अमरोहा जोया रोड पर गांव जोई में 300 बीघा जमीन चिह्नित की गई थी। हालांकि मुआवजे को लेकर कानूनी अड़चने भी आईं, लेकिन तीन साल पहले पुलिस ने जमीन का अधिग्रहण कर लिया था। भवन निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव बना कर भेजा गया था, लेकिन शासन से धनराशि को मंजूरी नहीं मिल रही थी। लेकिन कुछ दिन पहले योगी कैबिनेट की बैठक में अमरोहा में पुलिस लाइन निर्माण के लिए 268 करोड़ रुपये को मंजूरी मिल गई थी। अब बजट की धनराशि में से 66.73 करोड़ रुपये मिल गई हैं। जिसके बाद जल्द नई पुलिस लाइन का निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी है। बताया जा रहा है कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों के लिए सभी सुविधाएं होंगी।
268 करोड़ रुपये की लागत से यहां 12 प्लोर वाली टाइप-1 बिल्डिंग भी बनेगी, जबकि 12 फ्लोर वाली टाइप- 2 वाली आठ बिल्डिंग का निर्माण भी होगा। इनमें लिफ्ट भी लगाई जाएंगी। आवासीय भवन भी बनाए जाएंगे। इसके साथ ही अस्पताल, मार्डन स्कूल, महिला व पुरुष बैरक, जिम, ग्राउंड, लाइब्रेरी, महिला स्वास्थ्य केंद्र, रेडियो कांप्लेक्स समेत समस्त सुविधाएं होंगी।
एएसपी राजीव कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस लाइन के लिए निर्माण के लिए 268 करोड़ रुपये मंजूर हो गए थे। अब 66.67 करोड़ रुपये मिल गए हैं। जल्द ही तमिलनाडु की कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य शुरू करेगी।