बृहस्पतिवार को बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि स्कूलों में काेई भी बच्चा बिना यूनिफाॅर्म के न रहे। निरीक्षण में कोई भी बच्चा बिना यूनिफार्म के नहीं मिलना चाहिए। जिन अभिभावकों के खाते में बच्चों के जूते, मोजे, बैग, यूनिफाॅर्म के पैसे भेजे गए हैं, उनसे खरीदारी करवाएं।
खंड शिक्षा अधिकारी नामांकन बढ़ाने के लिए अभियान चलाएं। बीएसए डॉ. मोनिका ने बताया कि आरटीई के अंतर्गत गैर सहायता मान्यता प्राप्त विद्यालयों में बारह सौ सोलह बच्चों का नामांकन हो चुका है। डीएम ने नवीनतम नामांकन के अंतर्गत कक्षा एक व कक्षा छह में नामांकन वाले बच्चों की संख्या की जानकारी ली। कहा कि कस्तूरबा में गांधी के जो बच्चे आठवीं पास किए हैं, उनका अगली कक्षा में शत प्रतिशत नामांकन अवश्य हो।
पुस्तकों का वितरण शत प्रतिशत कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों को निपुण बनाया जाए। जो अध्यापक विद्यालय नहीं आ रहे हैं, उनकी मॉनिटरिंग करते हुए अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। कायाकल्प के तहत सभी पैरामीटर में कार्य हो जाए, इसका प्रमाण पत्र बीएसए प्रस्तुत करें। संवाद