लेकिन तहसील का गजट होने से पूर्व नई राजस्व संहिता के अनुसार आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद ही तहसील बन सकेगी।
राजस्व परिषद ने नौगावां सादात तहसील बनाने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए मंगलवार को लखनऊ में बैठक बुलाई थी।
बैठक में जिलाधिकारी वेद प्रकाश वर्मा प्रस्ताव तैयार करके ले गए थे। मानक के मुताबिक नई तहसील में 100 से 120 लेखपाल होने चाहिए, लेकिन इस तहसील में सिर्फ 40 लेखपाल ही होंगे। 164 गांव इस तहसील में होंगे। हालांकि राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, क्योंकि नौगावां सादात तहसील बनाने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश हैं।
प्रस्ताव को एप्रूव करने के बाद राजस्व परिषद ने आगे बढ़ा दिया है। अब इसके लिए आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियां आने पर इनका निस्तारण कराना भी जरूरी होगा। इसके बाद ही गजट होगा।
नई नौगावां सादात तहसील में सिर्फ 40 लेखपाल ही होंगे। जबकि मानक के मुताबिक 100 से 120 लेखपाल होने चाहिए। ऐसी स्थिति में पेंच फंस सकता है और तहसील के लिए और गांवों को शामिल किया जा सकता है।
नौगावां तहसील नई राजस्व संहिता के मुताबिक आपत्तियां मांगे जाने के प्रावधान में भी फंस सकती है। जब तक आपत्तियों का निस्तारण नहीं होगा, नई तहसील के लिए राजस्व परिषद की ओर से गजट नहीं हो सकेगा। क्योंकि गजट होने के बाद ही तहसील अस्तित्व में आएगी।