अमरोहा। गोकशी के मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी ने गजरौला और बछरायूं थाने में तैनात दो दरोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सीओ धनौरा की जांच के बाद की गई है। वहीं, भ्रष्टाचार के आरोप में डिडौली में तैनात तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है। आरोप है कि तीनों सिपाहियों ने जुआरियों से रुपये वसूलकर उनका चालान शराब की धाराओं में करा दिया था। सिपाहियों पर लगे भ्रष्टाचार की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। उधर, एसपी की कार्रवाई के बाद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मचा है।
एसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि गजरौला थानाक्षेत्र के पपसरा खादर में गोवंशीय पशु के कटान की जानकारी होने के बाद भी हलका दरोगा जसवीर सिंह और सिपाही शोएब रजा मौके पर नहीं पहुंचे। अपने उच्चाधिकारियों से भी प्रकरण को छिपाए रखा। बाद में मुखबिर ने गोकशी की जानकारी इंस्पेक्टर आरपी शर्मा को दी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने बताए ठिकाने पर छापा मारकर तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मौके पर गोवंशीय पशु का 80 किलो मांस बरामद किया था। यहां पर अवशेष और कटान के उपकरण भी बरामद हुए थे। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज चुकी है
जबकि बछरायूं थाने में तैनात दरोगा शादाब अली पर भी गोकशी के मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है। एसपी ने प्रकरण को गंभीरता से लेकर सीओ धनौरा सत्येंद्र सिंह से लापरवाह दरोगा और सिपाही की जांच कराई। सीओ की जांच रिपोर्ट मिलते ही एसपी ने गजरौला थाने में तैनात दरोगा जसवीर सिंह, सिपाही शोएब रजा और बछरायूं थाने में तैनात दरोगा शादाब अली को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जबकि दूसरा मामला डिडौली कोतवाली का है। यहां पर तैनात सिपाही सुभाष यादव, दीपक कुमार और पंकज कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। बताते है कि पिछले दिनों पुलिस ने कुछ जुआरियों को पकड़ा था। बाद में तीनों सिपाहियों ने जुआरियों से रुपये लेकर उनका चालान शराब की धाराओं में कराकर जमानत दिला दी थी। भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर एसपी ने तीनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। जबकि, प्रकरण की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है।