परियों वाला मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर के पास धर्मशाला हुआ करती थी, जो रिकॉर्ड में दर्ज है। इस इलाके में 1978 से पहले तक हिंदू आबादी हुआ करती थी, लेकिन 1978 के दंगे के बाद आबादी पलायन कर गई। मंदिर अभी भी स्थित है, लेकिन धर्मशाला रिकॉर्ड में है और मौके पर नहीं है।
इसकी जानकारी डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया को हुई तो उन्होंने जांच शुरू कराई है। डीएम और एसपी ने मौका मुआयना किया था। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने रायसत्ती पुलिस चौकी के प्रभारी को एक मकान स्वामी से दस्तावेज लेने की जिम्मेदारी थी। चौकी प्रभारी ने मकान स्वामी से दस्तावेज शनिवार को ले लिए हैं।
अब इन दस्तावेज की जांच होगी। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई बढ़ेगी। पालिका के ईओ मणिभूषण तिवारी ने बताया कि रिकॉर्ड के मुताबिक परियों वाला मंदिर की धर्मशाला थी। जो अब मौके पर नहीं है। उसी मामले में मंदिर के नजदीक स्थित एक मकान के दस्तावेज की जांच होनी है।