जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि उद्यान व प्रसंस्करण विभाग की ओर से लखनऊ में सात से नौ फरवरी तक प्रादेशिक शाकभाजी, फल व पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेशभर के किसान भाग ले रहे हैं। अमरोहा से हसनपुर के बरतौरा निवासी जैविक हल्दी का उत्पादन करने वाले किसान सुरेंद्र त्यागी ने भी प्रदर्शनी में हिस्सा लिया था, जहां उनके स्टाॅल को काफी सराहा गया। प्रदर्शनी में अलग-अलग वर्ग के 12 किसानों ने स्टाॅल लगाए थे।
सरेंद्र त्यागी ने हल्दी उत्पादन में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इस पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने उन्हें प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। प्रदर्शनी के अंतिम दिन होने वाले कार्यक्रम में भी उनको सम्मानित किया जाएगा। सुरेंद्र त्यागी ने बताया कि वह 2004 से हल्दी की खेती कर रहे हैं। वहीं, 2015 से उन्होंने जैविक हल्दी का उत्पादन शुरू किया था। धीरे-धीरे उन्होंने इसका दायरा बढ़ाया और आज करीब एक हेक्टेयर जमीन में वह हल्दी की पैदावार ले रहे हैं। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित हुए कार्यक्रम में डीएचओ संतोष कुमार, नितिन चौहान, शमशाद अली आदि ने भी प्रदर्शनी में हिस्सा लिया।
हल्दी पाउडर और तेल भी कर रहे तैयार
सुरेंद्र त्यागी अपनी उपजाई हल्दी से घर पर ही पाउडर तैयार करते हैं। पैकिंग करके हल्दी पाउडर की बिक्री करते हैं। वह अलग-अलग वजन के पैकेट तैयार कराते हैं। साथ ही हल्दी के पत्तों का तेल भी तैयार कर रहे हैं। बताते हैं कि यह तेल चोट, मोच के दर्द में राहत देता है। उनका दावा है कि हल्दी का तेल मच्छर भगाने के काम भी आता है।