अपनी कार्यप्रणाली को लेकर पूर्ति विभाग इन दिनों प्रशासन के निशाने पर है। गुरुवार को उसका एक नया कारनामा सामने आया है। ग्रामीणों ने मंगल दिवस में सैदनगली थाना क्षेत्र गांव ढक्का में जिस राशन डीलर की शिकायत की, पूर्ति विभाग ने गांव के दूसरे डीलर की दुकान को सस्पेंड कर आरोपी दुकान से ही संबद्ध कर दिया। मामला जानकारी में आने के बाद एसडीएम ने अटैचमेंट के आदेश को रोक दिया है। पूर्ति विभाग से फिर से जांच करने के आदेश दिए हैं।
अपनी राशन वितरण प्रणाली के आदेश के लेकर खाद्य एवं रसद विभाग हमेशा चर्चाओं में रहता है। अभी जोया में गोदाम में पकड़ी गई गड़बड़ी का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि पूर्ति विभाग के एक और कारनामा सामने आया है।
हसनपुर तहसील के गांव ढक्का के ग्रामीणों ने 15 दिन पहले मंगल दिवस पर एसडीएम से डीलर कदीर की शिकायत की थी। शपथपत्र देकर ग्रामीणों ने बताया था कई वर्ष से कोटा संचालन कर रहा कदीर प्रति कार्ड 10 किलो से ज्यादा राशन नहीं देता है। विरोध पर धमकी देता है। एसडीएम गंभीर सिंह ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश पूर्ति विभाग को दी।
अब मिलीभगत हो या गड़बड़ी, विभाग ने गांव के ही दूसरे राशन डीलर गुलाम अहमद की जांच कर दी। इसे सस्पेंड कर उसके खिलाफ एफआईआर भी करा दी गई। और तो और सस्पेंड दुकान को आरोपी डीलर कदीर की ही दुकान से अटैच कर दिया गया। मामले की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो फिर एसडीएम के पास पहुंचे।
एसडीएम ने पड़ताल कराई तो मामला खुल कर समाने आ गया। उन्होंने भी स्वीकार किया कि जांच में गड़बड़ी हुई है। फिलहाल दुकान के अटैचमेंट को रुकवा दिया गया है। पूर्ति विभाग से फिर से जांच कराई जा रही है।