अमरोहा। गन्ना किसानों का 338 करोड़ रुपये चीनी मिलों पर बकाया है। भुगतान नहीं होने से गन्ना किसानों की आर्थिक तंगी बढ़ गई है। भुगतान करने में चीनी मिलें आनाकानी कर रही है। सबसे अधिक हालात जिले की चीनी मिलों के हैं। यहां की चीनी मिलों पर आधा से अधिक रकम बकाया है। भुगतान में हीलाहवाली को लेकर किसानों में नाराजगी है। किसान नेताओं ने सरकार के हितैषी होने के दावे पर सवाल उठाया है।
जिले में 94,252 हेक्टेयर में गन्ने की पैदावार हुई है, जिले के किसानों का 11 चीनी मिलें गन्ना खरीदती हैं तीन चीनी मिलें जिले में स्थित हैं जबकि अन्य चीनी मिलें बिजनौर, मुरादाबाद और संभल की हैं। अब तक 440 लाख क्विंटल गन्ने की खरीदारी की है। समर्थन मूल्य 325 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार यह रकम कुल 1,430 करोड़ रुपये हुई लेकिन गन्ना विभाग 14 दिन के भुगतान के अनुसार 1,276 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। फिलहाल चीनी मिलों ने 938 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। ऐसे में गन्ना विभाग के अनुसार, अभी 338 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम बाकी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसानों को भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं लेकिन चीनी मिल प्रबंधन पर फर्क नहीं पड़ रहा है।
कोरोना महामारी से सर्वाधिक परेशान किसान तबका है। गन्ने का बकाया नहीं मिल रहा है। इससे किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। सरकार के किसान हितैषी होने के दावे की असलियत सामने आ गई है। सुरेंद्र सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू, असली
गन्ने के भुगतान के लिए किसान मोहताज हो गया है। चीनी मिलें गन्ने की कीमत को दबा कर खामोश है। महामारी ने और बेहाल कर दिया है। किसान क्या करे समझ नहीं आ रहा। उम्मैद सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाकियू अराजनैतिक
गन्ने के भुगतान में चीनी मिलें आनाकानी कर रही हैं। सीजन समाप्त हो चुका है। गन्ने की कीमत नहीं मिलना शर्म की बात है। सरकार कह रही है कि हम भुगतान करा रहे हैं। दिवाकर सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू भानू
जिले के किसानों का चीनी मिलों ने 440 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। 14 दिन के समर्थन मूल्य के अनुसार रकम 1,276 करोड़ रुपये हुई। चीनी मिलों ने 937 करोड़ रुपये भुगतान कर दिया है अभी 338 करोड़ रुपये चीनी मिलों पर बकाया है। भुगतान के लिए निर्देश दिए गए हैं। हेमेंद्र प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी