अमरोहा। गन्ना भुगतान के लिए किसानों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के 14 दिन के आदेश के एक माह बीतने के बाद भी शुगर मिले गन्ने का भुगतान करने में नाकाम साबित हो रही हैं। जिले में शुगर मिलों पर अभी भी किसानों का 36.57 करोड़ रुपये बकाया है।
जिले में 98 हजार हेक्टेयर भूमि में गन्ने की खेती की जाती है। वहीं, 1.69 लाख किसान गन्ने की आपूर्ति मिलों को करते हैं। गन्ना पेराई सत्र शुरू हुए दो माह बीतने को हैं, लेकिन किसानों को समय पर गन्ना भुगतान नहीं हो रहा है। गत वर्षों की तरह इस बार भी किसानों के अरमानों पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है। जबकि शासन द्वारा 14 दिनों में गन्ना भुगतान के स्पष्ट आदेश हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इससे कहीं जुदा दिखाई दे रही है। गन्ना भुगतान को लेकर किसान मिल से लेकर गन्ना समिति के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
जिले में 11 शुगर मिलें खरीदती हैं गन्ना
जिले में वेव शुगर मिल मंडी धनौरा, त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर, सहकारी चीनी मिल हसनपुर हैं। इसके अलावा अलावा गैर जनपद की धामपुर शुगर मिल असमोली, अवध शुगर मिल स्योहारा, दीवान शुगर मिल अगवानपुर, राणा शुगर मिल बेलवाड़ा, त्रिवेणी शुगर मिल रानी नांगल, राणा शुगर मिल करीमगंज, त्रिवेणी शुगर मिल मिलक नारायणपुर एवं बिंदल शुगर मिल चांगीपुर में जिले के किसान गन्ने की आपूर्ति करते हैं।
भुगतान में फिसड्डी धनौरा मिल, चांगीपुर अव्वल
जिले में मिलों के गन्ना खरीद की बात करें तो वेव शुगर मिल गन्ने की खरीद में सबसे अव्वल है। 46.98 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है। लेकिन भुगतान के मामले में यह शुगर मिल सबसे फिसड्डी साबित हो रही है। इस शुगर मिल ने अब तक 30 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान ही किया है। इसके अलावा करीमगंज शुगर मिल भी 30 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान कर सकी है। वहीं बिजनौर के चांगीपुर स्थित शुगर गन्ना भुगतान में अव्वल रही है। इस शुगर मिल ने 19 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान कर दिया है।
इन शुगर मिलों पर है बकाया
शुगर मिल बकाया राशि (करोड़ रुपये में)
वेव शुगर मिल मंडी धनौरा - 27.19
सहकारी शुगर मिल हसनपुर - 4.22
दीवान शुगर मिल अगवानपुर - 0.88
राणा शुगर मिल करीमगंज - 4.28
कुल बकाया - 36.57
क्या कहते हैं किसान -
गन्ना किसानों को लेकर सरकार संवेदनशील नहीं है। समय पर गन्ने का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। जिससे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भुगतान को लेकर गई बार समिति में भी पूछताछ की, लेकिन कोई संतोषजनक जबाव नहीं मिल सका। - प्रदीप कुमार, गांव कोटा हलीमपुर, हसनपुर
गन्ना पेराई का दो माह बीत चुके हैं। लेकिन सरकार अभी तक गन्ने का रेट घोषित नहीं कर सकी है। खोखली घोषणाओं के अंबार के बीच किसानों को उनकी मेहनत का पैसा नहीं मिल पा रहा है। सरकार को जल्द गन्ना मूल्य की घोषणा कर देनी चाहिए। - निगम सिंह, गांव चकनवाला, धनौरा
समय पर गन्ना भुगतान के दावे एक बार फिर हवाई साबित हुए हैं। शुगर मिलें निर्धारित 14 दिन की अवधि में भुगतान करने में नाकाम साबित हो रहीं हैं। गन्ने में बीमारी लगने के कारण उपज पर भी प्रभाव पड़ा है। किसानों को रोगीले 0238 वैरायटी का विकल्प भी किसानों को देना चाहिए। - ब्रजपाल सिंह, गांव चोटीपुरा, अमरोहा
गन्ना किसानों को लेकर सरकार का रवैया ठीक नही हैं। यहां किसान गन्ने की खेती पर आधारित हैं। इसके बाद भी किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान समय से नहीं मिल पा रहा है। जिस कारण आर्थिक स्थिति भी बिगड़ने लगी है। - संदीप कुमार गांव फत्तेहपुर शुमाली, मंडी धनौरा
सरकार हर साल गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर हर साल बड़े बड़े दावे करती है। लेकिन गन्ना मूल्य को लेकर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस बार भी गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहा है। - फुलवास, गांव चौखट, मंडी धनौरा
गन्ना किसानों को समय पर भुगतान कराने के लिए गन्ना विभाग प्रतिबद्ध है। सभी मिलों को 14 दिनों की अवधि में भुगतान के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। जो मिलें समय पर गन्ना भुगतान नहीं कर रहीं हैं, उनको शीघ्र ही पत्र जारी किया जाएगा। - मनोज कुमार, जिला गन्ना अधिकारी