हसनपुर। गंगा में आई भीषण बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। करीब डेढ़ माह से हजारों बीघा कृषि भूमि में पानी भरा है जिससे अधिकांश फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित गन्ने की फसल हुई है जो अब पूरी खराब होने के कगार पर है।
तहसील के 20 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में है। इनमें धौरिया, दियावली खालसा, सतेड़ा, गंगाचोली, सिरसा गुर्जर, मेहरपुर, जल्लोपुर, गंगानगर, पौरारा, बिहारीपुर, हैदलपुर, मुबारिजपुर व सलारा आदि हैं। इन गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी पिछले डेढ़ महीने से जमा है, जिससे गन्ने की फसलें गलने लगी हैं।
गंगानगर निवासी किसान पंकज सिंह का कहना है यह गन्ना ही हमारी साल भर की कमाई का जरिया है। बाढ़ से हुए इस नुकसान की भरपाई करना मुश्किल है। सिरसा गुर्जर के किसान मनोज सिंह ने बताया कि कई सालों से इस तरह की बाढ़ नहीं आई थी। इस बार पानी लंबे समय तक खेतों में भरा रहा, जिससे जड़ें गल गईं और पौधा सूख गया।
सरकार से राहत की आस
गन्ने की फसल को हुए इस बड़े नुकसान से किसानों को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। वे अब सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है ताकि वे इस संकट से उबर सकें। एसडीएम पुष्करनाथ चौधरी का कहना है कि जल्द ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया जाएगा।