अमरोहा। पेराई सत्र 2024-25 के लिए शासन ने गन्ने के सट्टा व आपूर्ति नीति जारी कर दी है। नीति के तहत अति लघु किसानों को गन्ना आपूर्ति में विशेष प्राथमिकता मिलेगी। गन्ना खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए सट्टा नीति में पहली बार यांत्रिक गन्ना कटाई की अनुमति दी गई है। वहीं, 30 सितंबर तक बने नए सदस्य इसी सत्र में गन्ने की आपूर्ति कर सकेंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को गन्ना बेल्ट के रूप में जाना जाता है। अमरोहा में भी बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती करते हैं। यहां 100940 हेक्टेयर जमीन पर लगभग 1.70 लाख किसान गन्ने की पैदावार लेते हैं। पिछले साल की तुलना में इस पेराई सत्र में गन्ने का रकबा भी 2.51 फीसदी बढ़ गया है। वहीं, आगामी पेराई सत्र के लिए सरकार ने गन्ने की सट्टा व आपूर्ति नीति जारी कर दी है। इस बार नीति में कई प्रमुख बदलाव किए गए हैं। पहली बार नए सदस्यों को पेराई सत्र 2023-24 में चीनी मिल की औसत गन्ना आपूर्ति या जिले की गन्ना उत्पादकता का 65 प्रतिशत, जो भी अधिक हो, की सीमा तक गन्ना सट्टे का लाभ दिया जायेगा।
समितियों के नए सदस्य, जिनके पास पेड़ी अथवा शरदकालीन पौधा है, उनकी पर्चियां पहली बार छठवें पक्ष में लगाने की होगी व्यवस्था की गई है। छोटे गन्ना किसानों (72 क्विंतल सट्टाधारक) की पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले से तीसरे पक्ष में तथा पौधे की पर्चियां सात से नौवें पक्ष में जारी की जाएंगी। सिंचाई में जल संरक्षण की महत्ता को देखते हुए ड्रिप इरिगेशन के तहत खेतों की सिंचाई करने वाले किसानों को अतिरिक्त सट्टे में प्राथमिकता दी जाएगी। नीति में पहली बार गन्ने की खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा दिए जाने का प्रयास किया गया है। इसके लिए पहली बार यांत्रिक गन्ना कटाई की अनुमति दी गई है। वहीं, गन्ना शोध परिषद की ओर से जारी गन्ना किस्म परिपक्वता क्रम को ध्यान में रखकर सभी गन्ना कृषकों को सुलभता के साथ सप्लाई के लिए गन्ने कैलेंडर जारी किया जाएगा। जिसके तहत प्रमुख रूप से गन्ना प्रजाति को. 15023 को अगेती संवर्ग में रखते हुए पर्चियां पहले व दूसरे पक्ष में एवं पौधे गन्ने की पर्चियां सातवें से आठवें पक्ष में जारी की जाएंगी।
सट्टा नीति की प्रमुख बातें-
- 30 सितंबर तक बनाए जा सकते हैं नए सदस्य।
- 30 सितंबर तक तक ही समिति स्तरीय गन्ना सट्टे का प्रदर्शन होगा।
- 10 अक्तूबर तक कृषकवार सट्टे की मात्रा का आकलन होगा।
- चीनी मिलों व समितियों को मिल चलने से एक सप्ताह पूर्व किसानों को अंतिम कैलेंडर की ऑनलाइन उपलब्धता सुनिश्चित करना होगी।
- मिल चलने से एक सप्ताह पूर्व मिलों को गन्ना भुगतान की ऑनलाइन व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
पेराई सत्र 2024-25 के लिए शासन ने गन्ने की सट्टा व आपूर्ति नीति जारी कर दी है। जिसमें लघु व सीमांत किसानों का भी ध्यान रखा गया है। इस समय सभी समितियों में सट्टा प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। - मनोज कुमार, डीसीओ