होली और दीपावली पर मिलावटी मावा बर्फी और मिल्क केक खप जाने के बाद अब प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आई है। लखनऊ प्रयोगशाला की जांच में बर्फी, मावा और मिल्क केक कसौटी पर खरा नहीं उतरा है। सात सैंपल अधोमानक आए हैं। इनमें फैट की मात्रा कम मिली है। आटा, मैदा, सूजी आदि पदार्थ की मिलावट होने की पुष्टि हुई है। जांच में स्टार्च आया है।
अब संबंधित के खिलाफ एडीएम कोर्ट से जुुर्माने की बड़ी कार्रवाई का कदम उठाया जाएगा। काश यह जांच रिपोर्ट त्योहारों से पहली आई हुई होती तो लोग मिलावटी मावा, मिठाइयां खाने से बच सकते थे।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने होली पर अभियान चलाकर जिले भर में मिठाइयों की दुकानों पर छापामारी करते हुए मावा, बर्फी, मिल्क केक का सैंपल भरा था। उस समय 22 सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। होली बीत गई, रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, दशहरा, दीपावली बीत जाने के बाद अब सात माह बाद प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आई है।
जिसमें खुलासा हुआ है मावा, बर्फी, मिल्क केक सभी में मिलावट की पुष्टि हुई है। लोग मिलावटी मिठाइयां, मावा, बर्फी खाए गए हैं, कुछ लोगों की सेहत जरूर खराब हुई होगी। मुनाफाखोरों की चांदी हो गई है, क्योंकि मिलावट की पोल खुलने से पहले ही उन्होंने मिलावटी मावा, बर्फी, मिल्क केक आदि को बाजार में खपा दिया है। उनकी बला से कोई जीए या मरें।
होली पर अलग-अलग स्थानों से मावा, बर्फी, मिल्क केक, दूध समेत 22 सैंपल लेकर जांच को लखनऊ प्रयोगशाला भेजे गए थे। जिसमें अब सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। सात सैंपल अधोमानक आए हैं। जिसमें बर्फी, मावा, मिल्क केक शामिल हैं। सभी में मिल्क फैट की मात्रा कम मिली है। स्टार्च आदि की मिलावट की पुष्टि हुई है। संबंधित के खिलाफ अब एडीएम कोर्ट से जुर्माने की कार्रवाई होगी। मिलावट के मामले में अधिकत्तम पांच लाख का जुर्माना हो सकता है।
संजय पांडेय, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग