अमरोहा। रविवार को विवादित 16 बीघा जमीन को निर्माणाधीन पुलिस लाइंस के दायरे में शामिल कर लिया गया है। जमीन स्वामी व उनके परिजनों ने इसका विरोध किया था लेकिन हाईकोर्ट में मुकदमा हारने के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा। पुलिस ने जेसीबी के माध्यम से जमीन को समतल कराने का काम शुरू कर दिया है।
साल 2011 में जिले में पुलिस लाइंस निर्माण के लिए गांव जोई में 300 बीघा जमीन चिह्नित की गई थी। 2023 में शासन से धनराशि मिलने के बाद यहां निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया था जो अक्तूबर में पूरा होगा। इसमें 16 बीघा जमीन ऐसी थी जिसके स्वामी कमर आलम और अनीस अहमद ने उसे पुलिस लाइंस के लिए देने से इंकार कर दिया था। उन्होंने जमीन का मुआवजा भी नहीं लिया था। इसके विरोध में दोनों भाई उच्च न्यायालय चले गए थे। वहां मुकदमा विचाराधीन था। इसके चलते पुलिस ने इस जमीन का अधिग्रहण नहीं किया था। अब 13 जुलाई को कमर आलम व अनीस उच्च न्यायालय में मुकदमा हार गए।
अदालत ने पुलिस के पक्ष में आदेश जारी कर दिया था। लिहाजा 21 जुलाई को राजस्व विभाग ने यह जमीन पुलिस को हस्तांतरित कर दी थी। हालांकि दोनों भाइयों ने फिर से इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की है। इसकी सुनवाई 25 अगस्त को होनी है। रविवार को पुलिस ने इस जमीन को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोपहर बाद जब प्रतिसार निरीक्षण घनश्याम सिंह ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को लेकर वहां जेसीबी से जमीन समतल कराने का काम शुरू किया तो कमर व अनीस के परिवार की महिलाएं मौके पर पहुंच गई। विरोध करना शुरू कर दिया। काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में उन्हें समझा कर वापस भेज दिया गया। उसके बाद पुलिस ने जमीन पर समतलीकरण का काम शुरू करा दिया।
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न्यायालय के आदेश के बाद जमीन को अधिग्रहित कर लिया गया है। इस जमीन को पुलिस लाइंस की सीमा में शामिल किया गया है। अब कोई विवाद नहीं है। अमित कुमार आनंद, एसपी।