जनपद के ब्लाक से लेकर विकास भवन तक अधिकारियों के दफ्तर सूने पड़े रहे। हर ओर हड़ताल सा सन्नाटा नजर आया। फरियादी परेशान रहे। प्रत्येक जगह गेट मीटिंग आयोजित हुई, जिसमें मांगों के निस्तारण की आवाज जोरदार ढंग से उठाई गई। साथ ही 14 से 18 जुलाई तक हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
तयशुदा कार्यक्रम के तहत बुधवार को उ.प्र. ग्राम्य विकास महापरिषद के आह्वान पर जनपद के सभी विकास खंडों अमरोहा, जोया, गजरौला, धनौरा, हसनपुर, गंगेश्वरी व विकास भवन में गेट मीटिंग की गई। इसमें विकास खंडों व ग्राम पंचायतों का प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण व वास्तविक ढांचे को छिन्न भिन्न कराने की पंचायत राज विभाग की कार्रवाई पर चर्चा की गई। डीएम जैसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदार अधिकारियों से पंचायतराज विभाग क्यों मुक्ति चाहता है, विस्तार से चर्चा हुई। विकास भवन में गेट मीटिंग के दौरान महापरिषद के जिलाध्यक्ष पदमकांत शुक्ल ने कहा कि 14 से 18 जुलाई तक सभी घटक संगठनों के कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
उधर, अमरोहा ब्लाक परिसर में खंड विकास अधिकारी विद्या शंकर कटियार, ग्राम विकास अधिकारी संघ के मंत्री छत्रपाल, दीनदयाल सिंह, रविंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, देवेंद्र शर्मा, विपिन त्यागी, हरीश कुमार, विपिन तोमर, विनोद कुमार, दीपक चिकारा, अन्य रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक अध्यक्ष देशराज सिंह, जगदेव सिंह, कंचन आदि धरना प्रदर्शन कर गेट मीटिंग की।