वायरल के प्रकोप से लोग बेहाल हैं। गांव से लेकर शहर तक में घर-घर में बुखार फैला है। हाल यह है कि, सरकारी ही नहीं प्राइवेट अस्पताल भी बुखार पीड़ितों से भर गए हैं। अब वहां वार्डों में नए मरीज भर्ती करने की जगह नहीं है, क्षमता से ज्यादा पीड़ितों के आने से उन्हें वार्डों के बाहर जुगाड़ से बेंच और स्ट्रेचर पर लिटाकर दवा दी जा रही है।
जिला अस्पताल का भी यही हाल है, यहां भी बेड फुल हो गए हैं। जुगाड़ कर डाक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। किसी को बेंच तो किसी का स्ट्रेचर पर लिटाकर उपचार किया जा रहा है। फिलहाल अस्पताल में आ रहे 100 मरीजों में से 75 बुखार से पीड़ित हैं, जिन्हें उल्टी और सिरदर्द की भी शिकायत बताई जा रही है। प्रत्येक को ड्रिप लगाकर दवा उपलब्ध कराई जा रही है। यही हाल सीएचसी का भी है।
जिला अस्पताल में शनिवार को 1400 मरीजों के पर्चे बने। इनमें से 45 बुखार पीड़ित मरीज भर्ती किए गए। पहले से भी तमाम मरीज भर्ती हैं। नतीजतन महिला से लेकर पुरुष वार्ड तक फुल हो गए। स्थिति ये है कि एक बेड पर दो-दो मरीज हैं।
डाक्टरों की मानें तो सभी वार्ड मरीजों से भर गए हैं। 100 में से 75 लोग बुखार से पीड़ित ही हैं। नए मरीजों को जगह नहीं मिल पा रही है। इसीलिए बेंच और स्ट्रेचर आदि पर लिटाकर उनको ड्रिप लगाई जा रही है। यही हाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरोहा का है। यहां 800 मरीजों ने पर्चे बनवाए। यहां भी बुखार पीड़ितों से बेड फुल हो चुके हैं, मरीजों को उल्टी आने की शिकायत भी है। प्राइवेट अस्पतालों में भी वायरल पीड़ितों में इजाफा होता जा रहा है।
चिकित्साधीक्षक भी बीमार
अमरोहा। वायरल संक्रमण की चपेट में डाक्टर भी आ गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा.उमर फारुक भी बुखार की जद में आ गए हैं। इसके अलावा एक अन्य चिकित्सक भी बुखार की चपेट में हैं। घंटों तक मरीजों ने उनका इंतजार किया, किन्तु जब नहीं आए तो अन्य डाक्टरों से दवाई लेकर चले गए।
अस्पताल में बुखार पीड़ितों की अधिक संख्या आ रही है। जिन्हें भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। बेड की भी कमी पड़ गई है। बावजूद इसके इलाज में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। -डा.पीके बंसल, सीएमएस जिला अस्पताल