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ददिया ससुर की हत्या में दामाद और उसके तहेरे भाई को उम्रकैद

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ददिया ससुर की गला रेत कर हत्या करने के दोषी दामाद और उसके तहेरे भाई को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों दोषी जमानत पर बाहर थे, फैसला आने के बाद दोनों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है। मुकदमे में चार आरोपी थे, इनमें सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो चुकी है जबकि एक आरोपी नाबालिग है, इसलिए उसका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
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यह घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव ताहरपुर में 7 मई 2011 को हुई थी। रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव दादूपुर निवासी रतन सिंह के बेटे गुरुवचन की शादी ताहरपुर गांव निवासी रामसिंह बेटी नीतू के साथ हुई थी। जिसके बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। इस बीच गुरुवचन के पिता रतन सिंह की हत्या कर दी गई थी। जिसमें गुरुवचन के ससुर रामसिंह और सास संतोष देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रामसिंह के मुकदमे की पैरवी उसके पिता करन सिंह कर रहे थे। जिसके चलते गुरुवचन के परिवार वाले करन सिंह से रंजिश रखने लगे थे। बदला लेने की फिराक में थे। छह मई 2011 की शाम करीब 8:30 बजे करन सिंह खाना खाकर अपने खेत पर बने ट्यूबवेल के पास सोने गए थे, जो गांव से केवल 200 मीटर दूर है।
सात जुलाई की सुबह करीब चार बजे करन सिंह के भाई रोशन सिंह और रामसिंह के बेटा राहुल ट्यूबवेल के पास बने तालाब में मछलियों को चारा डालने गए थे। तभी गुरुवचन, हरपाल, चंद्रपाल और एक अन्य को कोठरी से भागते हुए देखा था। जैसे ही रोशन सिंह कोठरी में पहुंचे तो देखा कि उनके भाई करन सिंह की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई थी।
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इस मामले में रोशन सिंह की तहरीर पर गुरुवचन, हरपाल, चंद्रपाल और एक अन्य (नाबालिग आरोपी) के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी जमानत पर जेल से बाहर थे। मुकदमा की सुनवाई के दौरान आरोपी चंद्रपाल सिंह की मौत हो चुकी है। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय संजय वीर सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था।
शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी गुरुवचन और उसके तहेरे भाई हरपाल सिंह को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसका मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है। शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने बताया कि गुरुवचन के पिता रतन सिंह की हत्या में उसके ससुर रामसिंह और सास संतोष देवी को भी उम्रकैद की सजा पहले ही हो चुकी है।
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