दोपहर में सूने रहे पीएससी केंद्र
रविवार को पीएचसी अमरोहा के मोहल्ला छेबड़ा स्थित पीएचसी पर प्रभारी चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य स्टाफ भी मौजूद मिला। यहां प्रत्येक आरोग्य मेले में 70 से 80 के बीच ओपीडी रहती है। रविवार को ओपीडी में मात्र 50 मरीज आए। इनमें अधिकांश मरीज खुजली और बुखार के रहे। कटकुई पीएचसी पर चिकित्सक स्टाप मौजूद मिला। यहां ओपीडी में 60 मरीज देखे गए। इनमें 22 डायरिया, 25 एलर्जी और बाकी अन्य के रहे। कुुरैैैशी पीएचसी पर कुल ओपीडी में 40 मरीज देखे गए। इनमें 17 डायरिया के मरीज रहे जबकि अन्य 14 रहे। कुल मिलाकर अधिकांश पीएचसी पर चिकित्सक स्टाफ तो मौजूद मिला मगर मरीज नदारद रहे। दोपहर में पीएचसी केंद्र सूने रहे।
हसनपुर पीएचसी में देखे गए सबसे अधिक 137 मरीज
हसनपुर के अर्बन पीएचसी में जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 137 मरीज देखे गए। इनमें सर्वाधिक बुखार के मरीज पहुंचे। गर्भवती महिलाओं व बच्चों का टीकाकरण हुआ। सर्वाधिक मरीज बुखार, खुजली, जुकाम व खांसी के रहे। टाइफाइड, मलेरिया, पीलिया, शुगर, हीमोग्लोबिन की जांच की गई। पीएचसी के प्रभारी डॉक्टर अक्षय नागर ने बताया कि मेले विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की जांच व टीकाकरण कराया गया।
सिर्फ 30 मरीज पहुंचे उपचार कराने
मंडी धनौरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुचेला कलां पर रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में 30 रोगी आए। इनमें अधिकांश रोगी खुजली व खांसी, जुकाम आदि के रहे। दोपहर करीब 12:45 बजे तक सात ग्रामीणों ने ओपीडी में दवा ली। डॉ. सुदीप गुप्ता ने बताया डायरिया के दो बच्चे भी आए थे। जिनको बुखार की शिकायत थी। अस्पताल में बुखार व डायरिया की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं।
कफ सिरप नहीं मिला
गजरौला के महेशरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार की दोपहर एक बजे तक पीएचसी में 38 मरीज आए। जिनमें 16 बुखार और 18 बच्चों को खांसी की शिकायत थी। मगर पीएचसी पर कफ सिरप नहीं है। जिससे खांसी के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पीएचसी प्रभारी डॉ. निसार अहमद का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अन्य सब कुछ दवाई हैं। एंटी रैबीज इंजेक्शन भी आ गए हैं, लेकिन कफ सिरप नहीं है। जल्द कफ सिरप मिलने की उम्मीद है।
- जन आरोग्य मेले में कम मरीज आने की समीक्षा की जाएगी। पिछले महीने के डाटा के आधार पर जांच होगी। जहां-जहां दवाइयां कम है। इसकी भी जांच होगी और जो-जो दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। उनकी डिमांड भेजी जाएगी।
-डा. राजकुमार, एसीएमओ।