बीमारी के चलते फौजी की मौत हो गई। उनका शव घर पहुंचने पर हर आंख नम हो गई। पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। नौगांवा सादात विधायक समरपाल सिंह ने घर पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दी।
देहात थानाक्षेत्र के गांव कैलसा में किसान बलबीर सिंह का परिवार रहता है। उनके तीन बेटे हैं। सबसे बड़े बेटे मुनेंद्र फौजी थे। 2006 में वह भर्ती हुए थे। उनके परिवार में पत्नी अनीता देवी के अलावा एक बेटा भाग्य सिद्धू व दूसरी बेटी चेष्टा सिद्धू है। वर्तमान में उनकी तैनाती हिमाचल प्रदेश में थी। विभागीय ड्यूटी के लिए वह बीते कुछ दिनों से लखनऊ में रुके हुए थे, जहां पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी।
हालत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल रेफर किया गया था। यहां उपचार के बीच रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। दोपहर में शव लेकर घर पहुंचे साथी फौजियों ने जवान को आखिरी सलामी दी। शाम में तिगरी धाम में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। क्षेत्रीय विधायक समरपाल सिंह ने घर पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।