गजरौला (अमरोहा)। तिगरीधाम गंगा मेला पूजन में छह दिन बचे हैं, लेकिन बाढ़ खंड के ठेकेदारों ने गंगा तट बांध की सड़क का मरम्मत कार्य शुरू भी नहीं किया। जबकि इसके लिए 2.40 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। इससे मेले में आने वाले 30-40 गांवों के श्रद्धालु पथरीले और ऊबड़ खाबड़ मार्ग से गुजरने के लिए मजबूर होंगे। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता के मेला तक काम पूरा नहीं करने पर जमानत राशि जब्त करने और उनको ब्लैक लिस्ट किए जाने की चेतावनी का ठेकेदारों पर कोई असर नहीं पड़ा।
गंगा तट बांध का मार्ग कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी में लग रहे गंगा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सबसे मुफीद रहता है। इस मार्ग से सीधे ही श्रद्धालु तिगरी गंगा मेले पहुंच जाते हैं। शेरपुर ढ्याैटी से कांकाठेर तक गंगा तट बांध की सड़क की मरम्मत छह साल से नहीं हुई। इसलिए यह पथरीला हो गया है। जो आवागमन लायक नहीं रह गया। कई जगह बांध की सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। जिससे निजात दिलाने और तट बांध की सड़क की मरम्मत के लिए जुलाई में बाढ़ खंड विभाग को 2.40 करोड़ रुपये मिले थे। सितंबर में विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की। दो ठेकेदारों ने मरम्मत के लिए ठेका लिया। जिनमें एक पर 12 किमी का हिस्सा है और दूसरे पर छह किमी लंबाई की सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी है। बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गंगवार ने तिगरी गंगा मेला शुरू होने तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। चेतावनी दी थी कि मरम्मत कार्य पूर्ण नहीं होने पर उनकी जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी और उनको ब्लैक लिस्ट घोषित कर दिया जाएगा। मेले की तैयारियां जोरशोर पर हैं। 11 नवंबर को मेले का पूजन किया जाएगा। जिसमें छह दिन बचे हैं। ठेकेदारों ने सड़क मरम्मत का काम शुरू नहीं किया।
ठेकेदारों को कई बार हिदायत दी गई कि मेला तक काम पूरा करें। मगर बजट कम और काम अधिक होने का रोना रोकर लेट लतीफी कर रहे हैं। ठेकेदारों की लापरवाही श्रद्धालुओं पर भारी पड़ेगी। राजेश कुमार गंगवार अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड मुरादाबाद
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